हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ की स्टार कास्ट में शामिल वामिका गब्बी और मिथिला पालकर ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अपने शूटिंग अनुभव साझा किए हैं। दोनों ने बताया कि सेट पर जहां एक तरफ प्रोफेशनल डिसिप्लिन था, वहीं दूसरी तरफ मस्ती और हल्के-फुल्के माहौल की कोई कमी नहीं थी। अक्षय कुमार के मजेदार प्रैंक्स और पूरी टीम की बॉन्डिंग ने शूट को यादगार बना दिया। साथ ही, दोनों अभिनेत्रियों ने अपनी जर्नी, शुरुआती संघर्ष और इंडस्ट्री में अपने अनुभवों पर भी खुलकर बात की है। फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट का माहौल कैसा था?
वामिका गब्बी- बिल्कुल, बाहर से देखने पर यही लगता है कि सब कुछ मस्ती-मजाक में हुआ होगा। लेकिन असल में सेट पर बहुत सीरियस काम भी चल रहा था। हां, मस्ती बहुत होती थी और वही माहौल हमें और सहज बना देता था। मेरे लिए तो ये एक फैमिली जैसा एक्सपीरियंस बन गया था। आपका किरदार कैसा है? क्या ये एक टिपिकल बहन है या उसमें कोई ट्विस्ट भी देखने को मिलेगा? मिथिला पलकर- मैं ज्यादा कुछ बताना नहीं चाहूंगी, वो तो आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा। लेकिन हां, ये एक ऐसी बहन है जिसकी कोई भी जिद हो, उसका भाई उसे जरूर पूरा करता है उनके रिश्ते में वही खूबसूरती है। इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करना जैसे अक्षय कुमार, परेश रावल और निर्देशक प्रियदर्शन कैसा अनुभव रहा? वामिका गब्बी- शुरुआत में थोड़ा इंटिमिडेशन था क्योंकि मैंने उन्हें हमेशा स्क्रीन पर देखा है। लेकिन सेट पर उन्होंने माहौल इतना आसान और कम्फर्टेबल बना दिया कि कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं इतने बड़े लोगों के साथ काम कर रही हूं। हर कोई बहुत सपोर्टिव था। इतने टैलेंटेड लोगों के बीच रहना ही अपने आप में एक सीख है। उनकी एनर्जी, उनका काम करने का तरीका सब कुछ बहुत इंस्पायरिंग था। अपने किरदार की तैयारी के दौरान कोई चैलेंज आया? मिथिला पलकर- नहीं, क्योंकि प्रियदर्शन सर ने सब कुछ बहुत आसान बना दिया। उन्होंने मुझे हर चीज में गाइड किया, जैसे हैंड-होल्डिंग करते हुए। मेरा सिर्फ एक ही डर था इतने बड़े कलाकारों के सामने परफॉर्म करना, लेकिन उन्होंने वो भी आसान कर दिया। इतने बड़े स्टार कास्ट के साथ काम करने का अनुभव और आपकी पर्सनल जर्नी यूट्यूब से फिल्मों तक,आप इसे कैसे देखती हैं? मिथिला पलकर- सच कहूं तो विश्वास ही नहीं होता है। इतने लेजेंड्स के साथ काम करना एक सपना जैसा है। शुरुआत में थोड़ा डर था, लेकिन सभी ने बहुत प्यार से अपनाया। जहां तक मेरी जर्नी की बात है, मेरा हमेशा से एक ही गोल था एक अच्छा एक्टर बनना। इंटरनेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है और उसी की वजह से मुझे ये मौका भी मिला। मैं बस अच्छा काम करना चाहती हूं, चाहे वो किसी भी भाषा या प्लेटफॉर्म पर हो। सेट पर अक्षय कुमार के मशहूर प्रैंक्स का अनुभव कैसा रहा? क्या आप भी कभी उनका शिकार बनीं? वामिका गब्बी- एक सीन था जहां मुझे टेबल पर जंप करना था। मैं पूरी तैयारी के साथ शॉट दे रही थी, तभी अक्षय सर ने मुझे हल्का सा पुश कर दिया और मैं पूरी तरह चौंक गई! सब लोग हंसने लगे और मुझे तब समझ आया कि ये एक प्रैंक था। इसके अलावा हम सब सेट पर कार्ड्स, लूडो और अलग-अलग गेम्स खेलते थे। एक लेजर गेम भी खेलते थे, जिसमें ऊपर लगे बॉक्स पर निशाना लगाना होता था। उसमें तो मैं हारते-हारते करीब 12,000 रुपये की ‘कर्जदार’ हो गई थी! मिथिला पलकर- नहीं, मेरे साथ उन्होंने कोई प्रैंक नहीं किया। शायद वो एक प्रोटेक्टिव भाई की तरह थे। लेकिन हम सेट पर बहुत गेम्स खेलते थे जैसे लूडो। उसमें मैंने काफी पैसे हार दिए थे! लेकिन आखिरी दिन अक्षय सर के साथ खेलते-खेलते मैंने सब जीत लिए और मेरा ‘कर्ज’ उतर गया।
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