गुजरात के अहमदाबाद में पिछले साल जून में जिस हॉस्टल पर गिरकर प्लेन क्रैश हुआ था, उसकी जगह अब नया आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल बनाया जाएगा। गुजरात सरकार ने सिविल अस्पताल के पास असरवा स्थित न्यू मेंटल कैंपस में ₹105 करोड़ की लागत से 9 मंजिला हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक बनाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रफुल पानसेरिया ने बताया कि प्लेन क्रैश में क्षतिग्रस्त ‘अतुल्यम 1 से 4’ ब्लॉक, कैंटीन और सब-स्टेशन बिल्डिंग के मुआवजे के तौर पर टाटा एयरलाइंस स्वास्थ्य विभाग को ₹53.12 करोड़ देगी। इसमें 236 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था होगी। 12 जून 2025 को हुए हादसे के समय हॉस्टल में कुल 92 छात्र मौजूद थे। दुर्घटना के बाद हुए स्ट्रक्चरल ऑडिट में बिल्डिंग को असुरक्षित घोषित किया गया, जिसके बाद इसे तोड़ने का निर्णय लिया गया। छात्रों की रहने की सुविधा प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर नई हॉस्टल बनाने की मंजूरी दी गई। अगले तीन साल में 236 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था नया हॉस्टल मेघाणीनगर के आईजीपी कंपाउंड स्थित न्यू मेंटल कैंपस में बनाई जाएगा। मेडिकल क्षेत्र में बढ़ी 48 सुपर स्पेशियलिटी सीटों को देखते हुए अगले तीन साल में 236 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन आवंटित कर दी है। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹34.65 करोड़ मंजूर किए गए हैं। हॉस्टल आधुनिक सुविधाओं होंगी नया ‘अतुल्यम 1 से 7’ पीजी हॉस्टल 9 मंजिला आधुनिक रूप में बनाया जाएगा। इसमें स्टूडियो अपार्टमेंट जैसे कमरे होंगे, जिनमें लिविंग रूम, किचन, बेडरूम और टॉयलेट की सुविधा रहेगी। हॉस्टल में फायर सेफ्टी सिस्टम, RO प्लांट, बेहतर ड्रेनेज, बेसमेंट पार्किंग, आधुनिक मेस, जिम और रिक्रिएशन रूम जैसी सुविधाएं भी होंगी। हादसे के बाद की 3 तस्वीरें… अब पढ़िए अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बारे में 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा था। फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद आया था। भारत के सिविल एविएशन रेगुलेटर DGCA ने बताया कि विमान ने 12 जून की दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के बाद विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मेडे कॉल (इमरजेंसी मैसेज) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। DGCA के अनुसार, विमान में दो पायलट और 10 केबिन क्रू सहित कुल 242 लोग सवार थे। पायलट के पास 8,200 घंटे और को-पायलट के पास 1,100 घंटे की उड़ान का अनुभव था। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अहमदाबाद प्लेन क्रैश के पीड़ित परिवारों का दर्द:11 महीने बाद भी मुआवजा नहीं मिला, नौकरी का वादा था, लेकिन अब जवाब नहीं देते अहमदाबाद में 12 जून, 2025 को हुए एआई 171 विमान हादसे को एक साल पूरा होने में एक महीने से भी कम समय बचा है। जबकि,मृतकों के पीड़ित परिवार न्याय के लिए अब तक संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला है। यहां तक कि कई परिवारों को मुआवजा भी नहीं मिला है, जबकि कुछ परिवार के सदस्यों को नौकरी का आश्वासन दिए जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
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