केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ग्राहकों के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ने के मामले में देशभर के 41 रेस्टॉरेंट के खिलाफ संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। CCPA ने कहा कि बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना, उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा, “सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसका भुगतान करना या नहीं करना पूरी तरह से उपभोक्ता पर निर्भर करता है। सीसीपीए ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया है।”
NCH के माध्यम से प्राप्त हुई थीं शिकायतें
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि CCPA ने संबंधित रेस्टॉरेंटों को बिल में खुद ही सर्विस चार्ज जोड़ने की प्रथा को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने बताया कि ये कार्रवाई राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई है। पारित किए गए अंतिम आदेशों के तहत, सीसीपीए ने नियमों के उल्लंघन के लिए ‘चायोस’ (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित) पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है और प्रभावित ग्राहकों की राशि वापस करने का आदेश दिया है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों में बारबेक्यू नेशन, चाइना गेट रेस्टोरेंट भी शामिल
चायोस को अपने सभी आउटलेट पर सॉफ्टवेयर से तैयार होने वाले बिलिंग सिस्टम में बदलाव करने के लिए भी कहा गया है, ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि सर्विस चार्ज बिल में अपने आप न जुड़े। इसके अलावा सीसीपीए ने कैफे ब्लू बॉटल (पटना), चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड, फिएस्टा बारबेक्यू नेशन (बारबेक्यू नेशन हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड), फू अहमदाबाद रेस्टोरेंट (पेबल स्ट्रीट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड), एल’ओपेरा फ्रेंच बेकरी प्राइवेट लिमिटेड और जोरो – द लक्जरी नाइट क्लब (रुद्रा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ भी अंतिम आदेश पारित किए हैं। बताते चलें कि पश्चिम एशिया में सप्लाई बाधित होने के बाद उत्पन्न हुई एलपीजी की समस्या के बाद कुछ रेस्टॉरेंट ग्राहकों से LPG चार्ज वसूल रहे थे। ये मामला सामने आने के बाद CCPA ने LPG चार्ज वसूलने वाले रेस्टॉरेंटों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते रेस्टॉरेंट
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बयान में कहा कि जिन अन्य रेस्टॉरेंटों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उनके मामलों की भी जांच और कार्रवाई जारी है। जांच के दौरान पता चला कि ग्राहकों के बिलों में उनकी सहमति के बिना सर्विस चार्ज जोड़ा गया था। सीसीपीए के अनुसार, ये साल 2022 में जारी उसके दिशानिर्देशों का उल्लंघन है और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाता है। ये कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के मार्च, 2025 के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें सीसीपीए के दिशानिर्देशों को बरकरार रखते हुए कहा गया था कि अनिवार्य सेवा शुल्क वसूलने का कोई कानूनी आधार नहीं है और सभी रेस्टॉरेंटों को इन नियमों का पालन करना होगा।
PTI Inputs
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