कच्चे माल और रुपये की कमजोरी बना बड़ा कारण
एसी की बढ़ती हुईं कीमत सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत बताई जा रही है। असल में तांबा, जो एसी बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है, पिछले कुछ समय से महंगा हो गया है। इसके अतिरिक्त रुपये की कमजोरी के कारण आयातित सामान और पुर्जों की कीमत भी बढ़ गई है। कंपनियों ने बताया है कि नए ऊर्जा-दक्षता मानकों के कारण भी उत्पादों की लागत बढ़ी है। इसके साथ ही ग्लोबल स्तर पर माल ढुलाई यानी शिपिंग की लागत भी बढ़ चुकी है, जिससे आयात और महंगा हो गया है। जिस वजह से एसी के उत्पादन खर्च को बढ़ा दिया गया है।
कंपनियों ने अलग-अलग स्तर पर बढ़ाए दाम
एयर कंडीशनर बनाने वाली कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी कर रही हैं। Daikin India के अनुसार कंपनी अप्रैल से एसी की कीमतों में लगभग 12 फीसदी तक इजाफा करेगी। वहीं Blue Star Limited ने फरवरी के मध्य में ही अपने उत्पादों के दाम करीब 8 से 10 फीसदी तक बढ़ा दिए थे। इसके अलावा Voltas Limited, जो Tata Group की कंपनी है, वह भी कीमतों में 5 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। हालांकि कंपनियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में पुराना स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए शुरुआती समय में ग्राहकों को कीमतों में बहुत बड़ा अंतर महसूस नहीं होगा।
एसी महंगी होने के बाद भी ब्रिकी बढ़ने की उम्मीद
गौरतलब है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भी उद्योग को इस साल ब्रिकी में तेजी की उम्मीद है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने भी इस बार भीषण गर्मी का अनुमान जताया है, जिसके चलते एसी की मांग और भी बढ़ सकती है। इतना ही नहीं, नए स्टार-रेटेड मॉडल बिजली की खपत को कम करते हैं, जिससे ग्राहकों की दिलचस्पी इन उत्पादों में बनीं हुई है।
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