भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र से सम्मानित अभिनंदन वर्धमान ने अपने करियर का नया चैप्टर शुरू किया है. करीब 22 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया और अब कमर्शियल एविएशन में कदम रखा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनंदन अगस्त 2026 में गोवा की रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़े और फिलहाल ATR 72-600 विमान की टाइप 2 ट्रेनिंग ले रहे हैं.
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह कमर्शियल रूट पर विमान उड़ा सकेंगे. आपको बता दें कि अभी तक अभिनंदन की पहचान देश में भले ही फरवरी 2019 की हुई हवाई मुठभेड़ से सबसे ज्यादा बनी हो, लेकिन फाइटर पायलट बनने के पीछे उनकी वर्षों की पढ़ाई और ट्रेनिंग से जुड़ा लंबा सफर रहा है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि विंग कमांडर अभिनंदन की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन बताते हैं.
चेन्नई में हुआ अभिनंदन का जन्म
अभिनंदन वर्धमान का जन्म 21 जून 1983 को चेन्नई में हुआ था. वह तमिल जैन परिवार से आते हैं, जिसकी जड़ें कांचीपुरम के पास स्थित थिरुपनमूर गांव से जुड़ी है. उनके पिता सिंहकुट्टी वर्धमान भी भारतीय वायु सेना में एयर मार्शल के पद से रिटायर्ड हुए, जबकि उनकी मां डॉक्टर थी. ऐसे परिवार में पले-बढ़े अभिनंदन का बचपन भी काफी हद तक सैन्य माहौल में बीता. वायु सेना से उनका जुड़ाव भी उनकी शुरुआती पढ़ाई और पारिवारिक माहौल से बढ़ा था.
सैनिक स्कूल से हुई पढ़ाई की शुरुआत
अभिनंदन ने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल से पूरी की. सैनिक स्कूलों में सामान्य एकेडमिक शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, फिजिकल ट्रेनिंग और नेतृत्व क्षमता पर भी जोर दिया जाता है. इन स्कूलों का उद्देश्य छात्रों को आगे चलकर नेशनल डिफेंस एकेडमी समेत सैन्य करियर के लिए तैयार करना भी है. इसके बाद एनडीए महाराष्ट्र के खड़गवासला में स्थित त्रि-सेवा एकेडमी में अभिनंदन ने अपनी ट्रेनिंग पूरी की और भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम ज्वाइन की. 19 जून 2004 को उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर कमीशन मिला. इसके बाद उनकी प्रोफेशनल ट्रेनिंग का सिलसिला आगे बढ़ा. उन्होंने बठिंड और हलवारा स्थित वायुसेना केंद्रों में ट्रेनिंग ली. इसके बाद उन्हें SU 30MKi पर उड़ान का एक्सपीरियंस मिला. फिर वह MIG-21 Bison स्क्वाड्रन में चले गए. 2006 में वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 2010 में स्क्वाड्रन लीडर और 2017 में विंग कमांडर बने. दिसंबर 2021 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर प्रमोट किया गया.
ये भी पढ़ें-इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एडमिशन, BCA-BSC मैथ्स का नया कट ऑफ जारी
2019 की हवाई मुठभेड़ से आए थे चर्चा में
अभिनंदन वर्धमान का नाम फरवरी 2019 में पूरी दुनिया में चर्चा में आया. 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के अगले दिन पाकिस्तानी लड़ाकू विमान ने जवाबी कार्रवाई की थी. वहीं 27 फरवरी को अभिनंदन को लाइन ऑफ कंट्रोल की ओर बढ़ रहे पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को रोकने के लिए भेजा गया. हवाई मुठभेड़ के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एफ 16 को मार गिराया. इसके बाद उनके मिग 21 को मिसाइल से नुकसान पहुंचा और उन्हें विमान से इंजेक्ट करना पड़ा. वह पाकिस्तान के क्षेत्र में जा गिरे, जहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया. अभिनंदन करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान की हिरासत में रहे और 1 मार्च 2019 को उन्हें वापस भारत भेजा गया.
वीर चक्र से हुए सम्मानित
2019 कि हवाई मुठभेड़ के बाद अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया गया. यह भारत का तीसरा सर्वोच्च युद्ध कालीन वीरता पुरस्कार है. पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में हवाई मुठभेड़ के दौरान उनके कर्तव्य और साहस की भी सराहना की गई. वहीं भारतीय वायु सेना से समय से पहले रिटायरमेंट लेने के बाद अभिनंदन अब कमर्शियल एविएशन में आ गए. रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 31 मार्च को वायुसेना छोड़ी और अगस्त में गोवा की रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़े.
ये भी पढ़ें-NEET UG Round 2 में 659 नई मेडिकल सीटें जुड़ी, 11302 सीटें पूरी तरह खाली
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.