अगले 24 से 36 घंटों में मौसम खतरनाक तरीके से बदलने वाला है. मौसम विभाग ने बताया कि 12, 13, 14, 15 और 16 तारीख के बीच बारिश और आंधी तूफान की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडिगढ़, उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि इस दौरान कई राज्यों में बिजली गिरने की भी संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी, असम, बांग्लादेश और पाकिस्तान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से मौसम में कई तरीके के बदलाव देखने को मिल सकते हैं. वहीं, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम, विदर्भ और बंगाल के हिमालय वाले हिस्से में भी 14 से 15 और 17 के बीच बारिश होने की संभावना है. इधर, दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से अभी अगले सात दिनों तक राहत मिलने की संभावना नहीं है.
12 राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की गई. वहीं, गुजारत में पारा अपने चरम पर है. (आईएमडी)
दो से चार दिनों में बदलेगा मौसम
निजी मौसम वेबसाइट स्काईमेट वेदर की मानें तो एक एक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 14 मार्च को वेस्टर्न हिमालय के पास आ रहा है. इस सिस्टम से मैदानी इलाकों में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनेगा. ये दोनों सिस्टम मिलकर देश के उत्तरी हिस्सों में मौसम की एक्टिविटी के फैलाव, इंटेंसिटी और समय को बढ़ाएंगे. पहाड़ों पर लगभग 5-6 दिनों तक इसका हिस्सा बड़ा और लंबा रहेगा. मैदानी इलाकों में 14 और 15 मार्च 2026 के बीच दो दिनों तक चलने वाली पहली प्री-मॉनसून एक्टिविटी के साथ इसकी शुरुआत होगी. दिल्ली एक्टिविटी के सबसे आखिर में होगी, लेकिन फिर भी बचे हुए असर से इस मौसम में पहली बार आंधी-तूफान आने लगेंगे. बदले हुए हवा के पैटर्न, बिखरे हुए ऊंचे बादलों और बारिश/बौछारों का मिला-जुला असर बढ़ते तापमान को रोक देगा. कुछ समय के लिए पारा 30°C से नीचे गिर सकता है. अगले हफ्ते के बीच में और ज़्यादा मौसम एक्टिविटी की उम्मीद है.
- आज जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है. स्काईमेट वेदर के अनुसार, 13 से 16 मार्च के बीच भी हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तो 16 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है. हिमाचल में आज भी कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है.
- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी चल सकती है. 4 दिनों तक मौसम ऐसा रहने की संभावना है. यानी कि कह सकते हैं कि पंजाब से दिल्ली-एनसीआर तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी ऐसी मौसमी गतिविधियां संभव हैं. पश्चिमी राजस्थान और आने वाले दो से तीन दिनों दिनों में बारिश की संभावना है. पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, चंडीगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गरज-चमक, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.
मार्च 2026 के पहले दस दिनों में दिल्ली में गर्मी ने कौन से पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं?
मार्च के पहले दस दिन पिछले 50 सालों में सबसे गर्म रहे हैं. दिल्ली में तापमान सामान्य से लगभग 7°C अधिक दर्ज किया गया है. यहाँ तक कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा रहा है, जिसने गर्मी के पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं.
किन राज्यों के लिए ‘हीटवेव’ (लू) का अलर्ट जारी किया गया है और दिल्ली-एनसीआर में राहत कब तक मिलने की उम्मीद है?
मौसम विभाग ने मुंबई, गुजरात, राजस्थान और विदर्भ के कई इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल अगले सात दिनों तक भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, हालांकि 14-15 मार्च के बाद बादलों और हल्की बूंदाबांदी से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है.
’वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) का मैदानी और पहाड़ी इलाकों पर क्या असर पड़ेगा?
14 मार्च को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश करेगा. इसके प्रभाव से पहाड़ों पर 5-6 दिनों तक बारिश और बर्फबारी होगी. वहीं मैदानी इलाकों (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी) में यह इस सीजन की पहली ‘प्री-मॉनसून एक्टिविटी’ लाएगा, जिससे आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है और पारा 30°C से नीचे गिर सकता है.
मौसम विभाग ने किन क्षेत्रों में 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाले तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी है?
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों (नॉर्थ-ईस्ट), झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. यह बदलाव बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से हो रहा है.
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