65 साल तक नौकरी की मांग
शिक्षकों की सबसे बड़ी मांगों में से एक रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करने की है। संगठन का कहना है कि अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का अधिक समय तक उपयोग किया जा सकता है। अगर यह मांग स्वीकार होती है तो शिक्षकों को पांच साल अतिरिक्त सेवा का अवसर मिल सकता है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा।
पुरानी पेंशन योजना फिर लागू करने की मांग
शिक्षकों ने OPS (Old Pension Scheme) को फिर से लागू करने की मांग भी उठाई है। 1 जनवरी 2004 या उसके बाद सरकारी सेवा में आने वाले अधिकांश केंद्रीय कर्मचारियों को NPS (National Pension System) के तहत लाया गया था। अब ऐसे कर्मचारियों के लिए UPS (Unified Pension Scheme) का विकल्प भी उपलब्ध है। इसके बावजूद शिक्षकों का संगठन चाहता है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए। OPS में सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन को लेकर कर्मचारियों को ज्यादा निश्चितता मिलती है, इसलिए लंबे समय से सरकारी कर्मचारी संगठन इसकी मांग करते रहे हैं।
प्रिंसिपल बनने के लिए प्रमोशन कोटा बढ़ाने की मांग
शिक्षकों ने प्रमोशन व्यवस्था में भी बदलाव की मांग की है। संगठन ने प्रस्ताव दिया है कि प्रिंसिपल के पद पर 50 प्रतिशत विभागीय शिक्षकों को प्रमोशन के जरिए नियुक्त किया जाए, जबकि 25 प्रतिशत पदों के लिए परीक्षा आधारित कोटा रखा जाए। इसके अलावा हेड ऑफ सब्जेक्ट नाम से एक नया प्रमोशनल पद बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। संगठन के मुताबिक इस पद के लिए ₹5,400 का ग्रेड पे प्रस्तावित किया गया है। वहीं, वाइस प्रिंसिपल के पद का ग्रेड पे बढ़ाकर ₹6,600 करने की मांग रखी गई है।
दिल्ली के शिक्षकों के लिए भी प्रमोशन से जुड़ी अलग मांग सामने आई है। संगठन ने दिल्ली सरकार के शिक्षकों के लिए वाइस प्रिंसिपल के पद पर 100 प्रतिशत प्रमोशनल कोटा देने की मांग की है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को करियर में आगे बढ़ने के ज्यादा अवसर देना है।
साल में ज्यादा छुट्टियों की डिमांड
शिक्षकों ने छुट्टियों को लेकर भी अपनी मांग रखी है। प्रस्ताव के मुताबिक केंद्रीय सरकारी शिक्षक को साल में 14 कैजुअल लीव, 30 अर्न्ड लीव और 20 मेडिकल लीव देने की मांग की गई है। इसके अलावा CCL (Child Care Leave) को लेकर भी बदलाव की मांग है। संगठन चाहता है कि अगर किसी परिवार में केवल पुरुष शिक्षक ही नौकरी करता है, तो उसे भी निर्धारित शर्तों के तहत CCL का लाभ मिलना चाहिए।
दिल्ली के शिक्षकों के लिए मेडिकल सुविधा की मांग
शिक्षकों ने मेडिकल सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी की है। संगठन के अनुसार दिल्ली सरकार के शिक्षकों को रिटायरमेंट के समय DGEHS (Delhi Government Employees’ Health Scheme) या (CGEHS) में से किसी एक सुविधा को चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। इसका उद्देश्य यह है कि रिटायरमेंट के बाद शिक्षक अपने गृह नगर में लौटने पर भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। संगठन ने नौकरी के दौरान शिक्षकों को कैशलेस मेडिकल सुविधा देने की मांग भी रखी है।
अभी क्या होगा?
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अभी जारी है और अलग-अलग कर्मचारी संगठनों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। दिल्ली में बैठकें पूरी होने के बाद आयोग अन्य शहरों में भी परामर्श करेगा। दी गई जानकारी के अनुसार चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में भी बैठकें प्रस्तावित हैं। जयपुर में बैठकें 31 अगस्त और 1 सितंबर को होने की बात कही गई है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें केवल कर्मचारियों की मांगों पर आधारित नहीं होंगी। आयोग को देश की आर्थिक स्थिति, सरकार की वित्तीय क्षमता, विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर होने वाला खर्च, पेंशन की लागत, राज्य सरकारों पर पड़ने वाला संभावित वित्तीय प्रभाव और सरकारी तथा निजी क्षेत्र में कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन व सुविधाओं को भी ध्यान में रखना होगा।
इसलिए फिलहाल OPS की बहाली, 65 साल की रिटायरमेंट उम्र, ज्यादा छुट्टियां और बढ़ा हुआ प्रमोशन कोटा शिक्षकों की मांगें हैं, कोई अंतिम सरकारी फैसला नहीं। 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें आने और केंद्र सरकार द्वारा उन्हें स्वीकार किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इनमें से कौन-कौन से प्रस्ताव लागू होते हैं।
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