इन बैठकों में कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर, नई सैलरी, महंगाई भत्ता (DA), पेंशन, प्रमोशन, करियर ग्रोथ, सेवा शर्तों और अन्य भत्तों जैसे अहम मुद्दे आयोग के सामने रखेंगे। माना जा रहा है कि इन चर्चाओं के आधार पर आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
8वें वेतन आयोग ने यह भी बताया कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले महीनों में दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी ऐसे परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि देशभर के कर्मचारी संगठनों की राय ली जा सके। दिल्ली-एनसीआर से बाहर के संगठन अपने राज्य या नजदीकी स्थान पर बैठक के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसके साथ ही आयोग ने एक और बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कर्मचारी डेटा अपलोड करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया गया डेटा ही स्वीकार किया जाएगा। ईमेल या हार्ड कॉपी के जरिए भेजी गई जानकारी पर विचार नहीं किया जाएगा।
दिल्ली की बैठकों के बाद आयोग की अगली बैठकें 7 और 8 सितंबर को चेन्नई तथा 9 सितंबर को पुडुचेरी में होंगी। इन स्थानों पर आयोग से मिलने के इच्छुक कर्मचारी संगठन 18 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फिलहाल, लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर भविष्य में वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाओं में बदलाव तय होगा।
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