कौन सा संगठन कितना मांग रहा सालाना इंक्रीमेंट
8वें वेतन आयोग को सौंपे गए आधिकारिक ज्ञापन के मुताबिक नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO) ने सालाना इंक्रीमेंट 6% मांगा है।
जबकि ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) 7% की मांग की है। सबसे कम मांग इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 5% की है।
सिर्फ 3% सालाना इंक्रीमेंट से क्यों नाखुश हैं कर्मचारी?
7वें वेतन आयोग के तहत अभी सालाना इंक्रीमेंट सिर्फ 3% है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इतनी कम बढ़ोतरी से निचले स्तर के कर्मचारियों को हर साल कोई खास फायदा नहीं मिलता। AINPSEF का दावा है कि अगर सालाना इंक्रीमेंट 7% हो जाए तो कर्मचारियों का बेसिक पे 10 साल में दोगुना हो सकता है। इसीलिए कई संगठन 6% या 7% की मांग कर रहे हैं।
क्या ज्यादा इंक्रीमेंट फिटमेंट फैक्टर की जगह ले सकता है?
द इकनॉमिक टाइम्स ने BDO India के एसोसिएट पार्टनर रामचंद्रन कृष्णमूर्ति के हवाले से बताया है कि फिटमेंट फैक्टर एक बार में बड़ी छलांग देता है, जबकि ज्यादा सालाना इंक्रीमेंट को उतना फायदा देने में कई साल या दशकों लग सकते हैं।
उन्होंने लेवल 10 के कर्मचारी का उदाहरण दिया, जिसकी बेसिक पे ₹56,100 है। इसमें दो रास्तों की तुलना की गई…
1. पहला रास्ता: एक बार 2.57x फिटमेंट फैक्टर लागू हो, फिर हर साल 3% इंक्रीमेंट मिले।
2. दूसरा रास्ता: फिटमेंट फैक्टर न मिले, लेकिन हर साल 5%, 7% या 10% इंक्रीमेंट मिलता रहे।
फिटमेंट फैक्टर vs सालाना इंक्रीमेंट का पूरा गणित
1-एक बार 2.57x संशोधन, फिर हर साल 3% इंक्रीमेंट
पहले साल बेसिक ₹1,48,502 होगा।
15 वें साल बेसिक ₹2,24,623 होगा।
30वें साल ₹3,49,955 हो जाएगा।
2: कोई संशोधन नहीं, 5% सालाना इंक्रीमेंट
पहले साल बेसिक सैलरी होगी ₹58,905
15वें साल बेसिक सैलरी होगी ₹1,16,628
30वें साल बेसिक सैलरी होगी ₹2,42,461
3.कोई संशोधन नहीं, 7% सालाना इंक्रीमेंट
पहले साल बेसिक सैलरी होगी ₹60,027
15वें साल बेसिक सैलरी होगी ₹1,54,782
30वें साल बेसिक सैलरी होगी ₹4,27,048
4: कोई संशोधन नहीं, 10% सालाना इंक्रीमेंट
पहले साल बेसिक सैलरी होगी ₹61,710
15वें साल बेसिक सैलरी होगी ₹2,34,344
30वें साल बेसिक सैलरी होगी ₹9,78,911
फिटमेंट फैक्टर या सालाना इंक्रिमेंट, कौन बेहतर
फिटमेंट फैक्टर का फायदा तुरंत मिलता है। करियर के शुरुआती 10-20 सालों में यह ज्यादा सैलरी देता है, क्योंकि बेसिक पे एक ही बार में रीसेट हो जाता है। बहुत ज्यादा इंक्रीमेंट (10% या उससे अधिक) 20-25 साल बाद फिटमेंट फैक्टर वाली सैलरी को पकड़ सकता है, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इतना ऊंचा रेट लगातार बना रहे। इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है। छठे वेतन आयोग के बाद से इंक्रीमेंट 3% के आसपास ही रहा है।असल में दोनों एक-दूसरे के विकल्प नहीं हैं। वेतन आयोग दोनों देते हैं, एक बार का Fitment Jump और नई बेसिक पे पर हर साल सामान्य इंक्रीमेंट।
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