छोटे बच्चे अक्सर पेट में दर्द होने की बात बोलते हैं। कई बार ये बच्चों के स्कूल ना जाने का बहाना लगता है तो कई बार पैरेंट्स डॉक्टर के पास भागकर जाते हैं। ऐसे में घबराने की बजाय बिना बीमारी के बच्चो में होने वाले पेट दर्द का कारण जानें।
1- स्टूल होल्ड करना
बच्चे जब 3 से 6 साल की उम्र में होते हैं तो अक्सर अपने स्टूल यानी पॉटी को रोककर रखते हैं। कभी खेलने की वजह से वो पूप करने नहीं जाते तो कई बार बस उन्हें पॉटी जाने का मन नहीं तो बच्चे नहीं जाते,यहीं नहीं बच्चों के पॉटी जाने का टाइम भी तय नहीं होता। कभी सुबह-कभी शाम जाते हैं। तो अगर पेट में पॉटी होल्ड करने की आदत है और पैरेंट्स बच्चे की इस आदत पर ध्यान नहीं दे रहे तो पेट दर्द होगा।
2- सुबह खाली पेट दूध पिलाना
छोटे बच्चे जब सुबह स्कूल जाना शुरू करते हैं तो कुछ खाना नहीं चाहते। ऐसे में माताएं अक्सर उन्हें खाली पेट ही दूध पिला देती हैं। सुबह के समय खाली पेट दूध पिलाने की वजह से भी बच्चे के पेट में गैस और कब्ज होती है और बच्चा पेट दर्द की शिकायत अक्सर करता रहता है। तो इस आदतर को भी इग्नोर करने की जरूरत है। खाली पेट बच्चे को दूध ना पिलाएं।
3- बच्चे को अनाज ना खिलाना
बढ़ते बच्चे को काफी सारे पैरेंट्स अनाज ना खिलाकर दूध पर फोकस करते है। उन्हें लगता है कि बच्चे को कैल्शियम मिलेगी और वो बढ़ेगा। लेकिन बच्चे को केवल दूध पिलाना और अनाज ना खिलाना उनके पेट दर्द का कारण होता है। बच्चे की पूरी ग्रोथ के लिए 5-6 साल के बच्चे के लिए दिनभर में 200-250 मिली दूध पर्याप्त होता है। बाकी पेट उसका अनाज से भरना चाहिए। तभी पेट में दर्द की शिकायत कम होगी।
4- बिस्कुट खिलाना
काफी सारे घरों में बड़े-बुजुर्ग बिस्कुट खिलाते हैं। ये मैदे वाले बिस्कुट बच्चा अगर रोज खा रहा है तो इससे बच्चे का पेट दर्द होगा ही। जिन घरों में बच्चे रोजाना एक से दो पैकेट तक बिस्कुट खा जाते हैं बच्चे, ऐसे में उन्हें पेट दर्द की शिकायत अक्सर हो सकती है।
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