पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान चेन्नई सुपर किंग्स के नए हेड कोच होंगे। फ्रेंचाइजी ने सोमवार को इसका ऐलान किया। जहीर अब स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेंगे। फ्लेमिंग 2009 से 2026 तक CSK के हेड कोच रहे। उनका टीम के साथ जुड़ाव 2008 में खिलाड़ी के तौर पर शुरू हुआ था। जहीर के लिए यह IPL में पहली बार किसी फ्रेंचाइजी के हेड कोच की जिम्मेदारी होगी। हालांकि, वे पिछले कई साल से टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों के विकास से जुड़े रहे हैं। मुंबई इंडियंस में वे क्रिकेट ऑपरेशंस के डायरेक्टर और बाद में ग्लोबल डेवलपमेंट के प्रमुख रहे। IPL 2025 में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर की भूमिका निभाई थी। जहीर का खिलाड़ी से टीम मैनेजमेंट तक का सफर जहीर ने IPL में तीन टीमों के लिए खेला। वे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, मुंबई इंडियंस और दिल्ली डेयरडेविल्स का हिस्सा रहे। 2008 से 2017 के बीच उन्होंने 100 IPL मैच खेले और 102 विकेट लिए। उनका इकोनॉमी रेट 7.59 रहा। 2017 में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलने के बाद उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। भारत के लिए जहीर ने 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी-20 इंटरनेशनल खेले। वे 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज थे। मुंबई में सीखा फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट क्रिकेट से संन्यास के बाद जहीर ने सीधे हेड कोच की भूमिका नहीं संभाली। उन्होंने पहले टीम मैनेजमेंट में काम किया। मुंबई इंडियंस ने दिसंबर 2018 में उन्हें डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट ऑपरेशंस नियुक्त किया। बाद में वे टीम के हेड ऑफ ग्लोबल डेवलपमेंट बने। इस भूमिका में उनका काम सिर्फ सीनियर टीम तक सीमित नहीं था, बल्कि खिलाड़ियों की पहचान और उनके विकास से भी जुड़ा था। मुंबई के साथ उनका कार्यकाल 2018 से 2022 तक रहा। इसके बाद वे कुछ समय IPL कमेंट्री टीम का हिस्सा भी रहे। लखनऊ में मेंटर की भूमिका 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स ने जहीर को IPL 2025 के लिए मेंटर बनाया। यहां वे हेड कोच जस्टिन लैंगर और सपोर्ट स्टाफ के साथ काम कर रहे थे। लखनऊ ने उन्हें खिलाड़ियों के साथ काम करने, रणनीतिक इनपुट देने और टीम के विकास से जुड़े व्यापक रोल के लिए जोड़ा था। फ्रेंचाइजी के मालिक संजीव गोयनका ने उस समय जहीर को रणनीतिक रूप से मजबूत और खिलाड़ियों के बीच सम्मान रखने वाला व्यक्ति बताया था। CSK ने भारतीय कोच पर भरोसा क्यों किया? जहीर की नियुक्ति में उनका भारतीय क्रिकेट और IPL दोनों का अनुभव अहम है। वे लंबे समय तक खिलाड़ी रहे हैं और रिटायरमेंट के बाद फ्रेंचाइजी के अंदर क्रिकेट ऑपरेशंस और टैलेंट डेवलपमेंट में काम कर चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लेमिंग के जाने के बाद नए कोच के चयन की जिम्मेदारी CSK मैनेजमेंट ने एमएस धोनी को दी थी। शुरुआती चर्चा में विदेशी कोच का विकल्प भी था, लेकिन धोनी ने भारतीय विकल्प के पक्ष में जोर दिया और जहीर का नाम सामने आया। चुनौती सिर्फ प्लेइंग-11 बनाने की नहीं होगी जहीर ऐसे समय में CSK से जुड़े हैं जब टीम को अपनी अगली पीढ़ी तैयार करनी है। 2026 में आठवें स्थान पर रहने के बाद टीम को स्क्वाड कॉम्बिनेशन, युवा खिलाड़ियों के विकास और ऑक्शन से जुड़े फैसलों पर काम करना होगा। 2026 सीजन के बाद रविचंद्रन अश्विन ने भी CSK में ऑक्शन रणनीति, खिलाड़ियों की भूमिका और फैसले लेने की प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत पर अपनी राय रखी थी। जहीर बोले- CSK की विरासत का हिस्सा बनना सम्मान नियुक्ति के बाद जहीर खान ने CSK का हिस्सा बनने को सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने खिलाड़ी के तौर पर CSK का सामना किया है और चेपॉक में सुपरफैंस के माहौल का अनुभव किया है। उन्होंने फ्रेंचाइजी की विरासत का हिस्सा बनने को लेकर उत्साह जताया। 17 साल का फ्लेमिंग दौर खत्म
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