टेनिस कोर्ट पर अपनी चीखों और विरोधी को चीरते बेसलाइन शॉट्स के लिए मशहूर वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका इन दिनों एक अलग ही अवतार में नजर आ रही हैं। हाल ही में ‘एस्क्वायर’ मैगजीन की कवर स्टार बनीं बेलारूस की सबालेंका ने बेहद ग्लैमरस फोटोशूट कराया है। नीले रंग के विशालकाय फर कोट और हाई हील्स में उनकी तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। इस दौरान दिए इंटरव्यू में 27 साल की सबालेंका ने खुद को दोहरी शख्सियत वाली इंसान बताया। उन्होंने कहा, ‘कोर्ट पर मैं बहुत आक्रामक और भावुक होती हूं। यह मेरे खेल की जरूरत है, लेकिन कोर्ट से बाहर मैं बिल्कुल अलग इंसान हूं, जो शांत है, जिसे गले मिलना पसंद है और जो शांति की तलाश में है।’ जब उनसे पूछा गया कि अगर वह टेनिस खिलाड़ी नहीं होतीं तो क्या करतीं? इस पर सबालेंका कहा, ‘शायद बॉक्सिंग या फिर मॉडलिंग। शायद प्लस-साइज मॉडल! मैं उसमें बहुत अच्छी होती। मुझे अपनी आक्रामकता निकालने के लिए जीवन के अंत तक कुछ न कुछ ऐसा करना होगा जिसमें बहुत ऊर्जा लगे।’ फाइटिंग स्पिरिट पिता की देन सबालेंका की इस फाइटिंग स्पिरिट के पीछे पिता सर्गेई का हाथ है, जो खुद एक पेशेवर हॉकी खिलाड़ी थे। साल 2019 में मात्र 43 साल की उम्र में मेनिन्जाइटिस के कारण उनका अचानक निधन हो गया था। सबालेंका ने कहा, ‘मेरे पिता ने मुझे सिखाया कि चाहे कुछ भी हो जाए, मजबूत रहना है, सकारात्मक रहना है और जीवन में मस्ती करना नहीं छोड़ना है। जब मैंने उन्हें खोया, तब टेनिस ने ही मुझे बचाया। अगर टेनिस नहीं होता, तो पता नहीं आज मैं कहां होती।’ रोना-भावनाओं को बाहर निकालना जरूरी सबालेंका के अनुसार, दुख से उबरने का सबसे अच्छा तरीका है खुद को काम में झोंक देना, लेकिन साथ ही रोना और अपनी भावनाओं को बाहर निकालना भी जरूरी है। इंटरव्यू में सबालेंका ने 2022 के उस दौर का भी जिक्र किया, जब वे सर्विस करना भूल गई थी। उन्होंने इसे एक बुरा सपना बताया। उन्होंने कहा, ‘कल्पना कीजिए, आप जीवन भर एक ही काम कर रहे हैं और अचानक एक दिन आप गेंद को सही से फेंक भी नहीं पा रहे। वह समय इतना कठिन था कि मैं हार मानने वाली थी। लेकिन उस दौर ने मुझे इतना मजबूत बनाया कि अब मुझे भरोसा है कि अगर मेरी सर्विस खराब भी हो जाए, तब भी मैं मैच जीत सकती हूं।’
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