39 साल के नोवाक जोकोविच विंबलडन इतिहास का सबसे लंबा पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल जीतने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर अपने से 14 साल छोटे कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे को 5 घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में पांच सेटों में हराया। इससे पहले 2008 में रेनर शुटलर और अरनो क्लेमेंट के बीच खेला गया क्वार्टर फाइनल 5 घंटे 12 मिनट तक चला था। लगातार आठवीं बार सेमीफाइनल
इस जीत के साथ जोकोविच लगातार आठवीं बार विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंच गए। उन्होंने इस मामले में रोजर फेडरर के लगातार सात सेमीफाइनल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब शुक्रवार को सेमीफाइनल में उनका सामना दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और डिफेंडिंग चैंपियन जैनिक सिनर से होगा। 5 घंटे बाद सुपर टाई-ब्रेक में हुआ फैसला
सेंटर कोर्ट पर खेला गया मुकाबला शुरू से आखिर तक रोमांचक रहा। जोकोविच ने 7-6 (10), 3-6, 6-3, 6-7 (4), 7-6 (4) से जीत दर्ज की। पांच घंटे से ज्यादा चले संघर्ष के बाद दोनों खिलाड़ी थक चुके थे और मुकाबले का फैसला पांचवें सेट के सुपर टाई-ब्रेक में हुआ। 22 शॉट की रैली बनी टर्निंग पॉइंट
सुपर टाई-ब्रेक में 22 शॉट की लंबी रैली मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई। जोकोविच ने ऑगर-अलियासिमे को कोर्ट के दोनों कोनों पर दौड़ाया और आखिर में कनाडाई खिलाड़ी का फोरहैंड बाहर चला गया। इससे जोकोविच ने 9-4 की बढ़त बना ली। इसके बाद अगले ही पॉइंट पर मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। जोकोविच बोले- ऐसे पलों के लिए ही आज भी खेलता हूं
मैच के बाद 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच ने कहा, ‘मैं आज भी टेनिस ऐसे ही ऐतिहासिक पलों के लिए खेलता हूं।’ अपने से 14 साल छोटे खिलाड़ी के खिलाफ मिली इस जीत पर उन्होंने कहा,’ मैं अब भी इन युवा खिलाड़ियों से मुकाबला कर सकता हूं। यह मेरे लिए सुखद आश्चर्य है, लेकिन मैं हमेशा खुद से सबसे ज्यादा उम्मीद रखता हूं।’ अब सिनर से महामुकाबला
सेमीफाइनल में जोकोविच का सामना इटली के जैनिक सिनर से होगा। सिनर ने जर्मनी के जान-लेनार्ड स्ट्रफ को 7-5, 7-6 (4), 6-3 से हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई। पिछले साल विंबलडन सेमीफाइनल में सिनर ने जोकोविच को सीधे सेटों में हराया था, जबकि इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन सेमीफाइनल में जोकोविच ने सिनर को पांच सेट तक चले मुकाबले में मात दी थी। सिनर से भिड़ंत पर जोकोविच ने मजाकिया अंदाज में कहा, “काश यह फाइनल होता, ताकि मुझे यह चिंता न करनी पड़े कि कल मेरा शरीर कैसा महसूस करेगा।” उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने चौथे सेट के बाद बच्चों से सो जाने के लिए कहा था, लेकिन वे नहीं माने। अच्छा हुआ कि वे रुके रहे, क्योंकि यह मेरे करियर में सेंटर कोर्ट पर खेले गए सर्वश्रेष्ठ मैचों में से एक था।’ मैच के दौरान चोट और रूफ बंद करने पर नाराजगी
पहले सेट के दौरान जोकोविच को टखने और पिंडली में परेशानी महसूस हुई। उन्होंने मेडिकल टाइमआउट लिया, जिसके बाद ट्रेनर ने उनके बाएं टखने और पिंडली की जांच कर मसाज की। पट्टी बंधवाने के बाद उन्होंने मुकाबला जारी रखा। दूसरे सेट के बाद सेंटर कोर्ट की छत बंद करने के फैसले पर भी जोकोविच ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, ‘हम आउटडोर टूर्नामेंट खेल रहे हैं और बाहर इतनी रोशनी थी कि एक और सेट आसानी से खेला जा सकता था।’
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