बड़ौदा रियासत के महाराज सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय का आज ही के दिन यानी 11 मार्च को जन्म हुआ था। उन्होंने अपनी रियासत को मॉर्डन बनाने के लिए कई कदम उठाए थे। सयाजीराव ने बड़ौदा में लक्ष्मी विलास पैलेस बनवाया। जिसको आज भी दुनिया के सबसे लग्जरी और महंगे महलों में गिना जाता है। लक्ष्मी विलास पैलेस बकिंघम पैलेस से चार गुना बड़ा है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर सयाजीराव गायकवाड़ के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार
महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिला स्थित कुल्वाने गांव में 11 मार्च 1863 को सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय का जन्म हुआ था। इनका मूल नाम गोपालराव था। इनके पिता का नाम काशीनाथ था, जोकि बड़ौदा राजपरिवार से दूर का संबंध था। वहीं 18 साल की उम्र में 28 नवंबर 1881 को सयाजीराव गायकवाड़ का राज्याभिषेक हुआ था।
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ज्योतिबा फुले से मुलाकात
बडौदा नरेश महाराज सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय की पूना में 1885 में ज्योतिबा फुले से ऐतिहासिक मुलाकात की थी। वह ज्योतिबाराव फुले के ‘सत्य शोधक समाज’ के कार्यों से बेहद प्रभावित हुए थे। सयाजीराव गायकवाड़ ने विदेश में उच्च शिक्षा लेने के लिए बाबा साहेब को 11.50 पाउंड प्रतिमाह 3 साल के लिए स्कॉलरशिप देने का महान कार्य किया था।
इसके अलावा सयाजीराव गायकवाड़ के नाम पर बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय में एक बड़ा पुस्तकालय है। जिसको केंद्रीय पुस्तकालय भी कहते हैं। जो एक मुख्य पुस्तकालय है और इसके लिए महाराज सयाजीराव गायकवाड़ द्वारा काफी दान दिया गया था। वहीं इसी राज परिवार के सहयोग से साल 1908 में ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ की नींव डाली गई थी। इसके अलावा बड़ौदा में सयाजीराव ने एक विश्वविद्यालय का भी निर्माण कराया था। जिसका नाम सयाजीराव गायकवाड़ यूनिवर्सिटी है। उन्होंने मानव हित के लिए कई अनगिनत कार्य किए हैं।
मृत्यु
वहीं 06 फरवरी 1939 को 76 साल की उम्र में सयाजीराव गायकवाड़ का निधन हो गया था।
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