कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष जैवलिन थ्रो के मेडल इवेंट में जहां सभी की नजरें सबसे ज्यादा नीरज चोपड़ा पर थी जिन्होंने सिल्वर मेडल जीता तो वहीं इसमें हिस्सा ले रहे यश वीर सिंह का भी कमाल देखने को मिला। 24 साल के एथलीट यश वीर सिंह ने मेडल इवेंट के आखिरी राउंड में 85.41 मीटर का थ्रो करने के साथ कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की जो उनका पर्सनल बेस्ट भी है। वहीं यश वीर सिंह पहली बार इंटरनेशनल लेवल के इवेंट में मेडल जीतने में कामयाब हो सके हैं। पांचवां राउंड खत्म होने पर छठी पोजीशन पर थे, लेकिन आखिरी राउंड में यश वीर सिंह ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सीधे तीसरी पोजीशन पर पहुंचने के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफलता हासिल की।
पिता के नक्शेकदम पर चले यश वीर सिंह
यश वीर सिंह को लेकर बात की जाए तो उनकी गिनती देश के उभरते हुए जैवलिन एथलीट में की जाती है, जिसमें 24 साल के यश वीर सिंह जयपुर के रहने वाले हैं और वह अपने पिता के नक्शेकदम पर आगे बढ़ रहे हैं। यश वीर के पिता राय सिंह नेशनल लेवल के जैवलिन थ्रो एथलीट रहे हैं, जिसमें उनके बेटे ने अब इंटरनेशनल लेवल पर देश का मान बढ़ाया है। बचपन में यश वीर सिंह ने बांस से बने भाले के साथ अभ्यास करते थे। इसके बाद उन्होंने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़ सुर्खियां बटोरी थी, जिसके बाद उनकी प्रतिभा के बारे में सभी को पता चला था।
आखिरी राउंड में पलट दी यश वीर सिंह ने पूरी बाजी
जैवलिन थ्रो के फाइनल इवेंट में यश वीर सिंह की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी, जिसमें उन्होंने अपने पहले प्रयास में फाउल कर दिया तो वहीं दूसरे प्रयास में 78.55 मीटर दूर भाला फेंकने में कामयाब रहे। तीसरे राउंड में यश वीर सिंह ने अपने प्रदर्शन में सुधार करने के साथ 81.33 मीटर का थ्रो किया और अंतिम-8 में अपनी जगह भी बना ली। अब चौथे राउंड में यश वीर सिंह ने फिर फाउल कर दिया जबकि 5वें राउंड में 76.95 मीटर का थ्रो करने के बाद वह छठे नंबर पर थे। अब आखिरी राउंड में जब सभी को लग रहा था कि जैवलिन थ्रो के इवेंट में सिर्फ एक मेडल आएगा तो यश वीर सिंह ने सभी को चौंकाते हुए 85.41 मीटर का थ्रो करने के साथ सीधे तीसरी पोजीशन पर खुद को पहुंचा लिया और कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे।
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