राज्यसभा में उठा सवाल
11 अगस्त (मंगलवार) को राज्यसभा में यह मुद्दा उस वक्त गरमा गया, जब सांसद नीरज शेखर ने पूछा कि क्या सरकार और RBI प्लास्टिक करेंसी लाने की योजना बना रहे हैं और अगर हां, तो इसकी समयसीमा क्या हो सकती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?
नीरज शेखर के सवाल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि RBI ने सरकार के पास ₹10 और ₹20 के पॉलिमर यानी प्लॉस्टिक के बैंकनोट्स के एक-एक अरब फील्ड ट्रायल के लिए प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और सफल ट्रायल के बाद इन दो मूल्यवर्गों में पॉलिमर नोटों की नियमित जारी की जाने की उम्मीद है।
लॉन्च डेट पर क्या बोलीं वित्तमंत्री
हालांकि, वित्त मंत्री ने आधिकारिक लॉन्च तारीख नहीं बताई और कहा कि प्लास्टिक नोटों की खरीद प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। उन्होंने राज्यसभा को बताया, “RBI ने जानकारी दी है कि खरीद प्रक्रिया फिलहाल शुरुअाती अवस्था में है। ऐसे में इस समय पॉलिमर बैंकनोट्स शुरू करने की सही समयसीमा या उस पर होने वाले खर्च का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है।”
क्या होते हैं पॉलिमर बैंकनोट्स?
पॉलिमर करेंसी नोट कॉटन-बेस्ड पेपर की जगह प्लास्टिक सब्सट्रेट से बनाए जाते हैं। ये दिखने और महसूस होने में पेपर करेंसी जैसे ही होते हैं, लेकिन इनकी टिकाऊपन कहीं ज्यादा होती है और ये लंबे समय तक चलन में रह सकते हैं। नमी, गंदगी और रोजाना इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से बचने के कारण ये नोट ज्यादा साफ रहते हैं और कम खराब होते हैं।
इन बैंकनोट्स में सुरक्षा के बेहतर फीचर्स भी होते हैं जैसे कि सी-थ्रू विंडो, माइक्रो-ऑप्टिक होलोग्राम और खास तरह की स्याही, जिससे नकली नोट बनाना मुश्किल हो जाता है।
कितने देशों में हैं ये नोट और RBI क्यों लाना चाहता है प्लास्टिक नोट?
दुनिया भर में करीब 60 देश पॉलिमर बैंकनोट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, वियतनाम, मलेशिया और मैक्सिको शामिल हैं। मई 2026 में आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंट्रल बैंक करीब एक दशक पुरानी योजना को पुनर्जीवित करना चाहता है ताकि पेपर करेंसी छापने की बढ़ती लागत से बचा जा सके और गंदे तथा खराब नोटों को बदलने की जरूरत को कम किया जा सके।
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