AIIMS दिल्ली का डायरेक्टर देश के सबसे बड़े और प्रमुख मेडिकल संस्थानों में से एक की जिम्मेदारी संभालता है. इसलिए इस पद के लिए सिर्फ मेडिकल की पढ़ाई या डॉक्टर होने की योग्यता काफी नहीं होती. उम्मीदवार के पास मेडिकल शिक्षा, रिसर्च, अस्पताल प्रशासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में लंबा एक्सपीरियंस भी होना चाहिए.
डायरेक्टर बनने के लिए क्या एलिजबिलिटी है?
AIIMS के उपलब्ध भर्ती नियमों के मुताबिक उम्मीदवार के पास मेडिसिन, सर्जरी या पब्लिक हेल्थ और उससे जुड़ी शाखाओं में उच्च स्तर की पोस्टग्रेजुएट डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ कम से कम 10 साल का पढ़ाने या रिसर्च का इक्स्पीरीअन्सऔर अपने पेशे में 25 साल का इक्स्पीरीअन्सजरूरी बताया गया है. उम्मीदवार के पास मेडिकल इलाज, मेडिकल रिसर्च, मेडिकल शिक्षा या पब्लिक हेल्थ संस्थान में काम करने का प्रशासनिक जानकारी भी होना चाहिए. किसी बड़े वैज्ञानिक या एजुकेशनल इंस्टिट्यूट संस्थान को चलाने या किसी बड़े विभाग का डायरेक्टर रहने का कबीले यकीन तजरबा भी जरूरी है.
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उम्र कितनी होनी चाहिए?
2026 की मौजूदा भर्ती से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक डायरेक्टर पद के लिए अधिकतम उम्र 62 साल रखी गई है. चुने गए व्यक्ति का कार्यकाल पांच साल या 65 साल की उम्र तक रहेगा, जो भी पहले हो.
डायरेक्टर का सिलेक्शन कैसे होता है?
इस पद पर नियुक्ति सामान्य भर्ती की तरह केवल आवेदन और इंटरव्यू से पूरी नहीं होती है. उम्मीदवारों की योग्यता और इक्स्पीरीअन्स को देखते हुए सिलेक्शन प्रोसेस आगे बढ़ती है. इसके बाद अंतिम नियुक्ति में केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति यानी एसीसी की मंजूरी अहम होती है. AIIMS के डायरेक्टर का पद इसलिए भी खास है क्योंकि इसके जिम्मे संस्थान की मेडिकल शिक्षा, इलाज, रिसर्च और प्रशासन से जुड़े बड़े फैसले होते हैं. ऐसे में 65 आवेदन आने की जानकारी के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है, कि आखिर किस अनुभवी उम्मीदवार को देश के इस बड़े मेडिकल संस्थान की कमान मिलती है.
यहां क्यों है डायरेक्टर का पद?
AIIMS दिल्ली देश के बड़े और सबसे जाने माने मेडिकल इंस्टीट्यूट्स में से एक है. यहां मरीजों का इलाज, मेडिकल पढ़ाई और रिसर्च बड़े लेवल पर होती है. ऐसे में डायरेक्टर की जिम्मेदारी सिर्फ अस्पताल का काम देखने तक नहीं रहती. उन्हें डॉक्टरों, अलग अलग डिपार्टमेंट्स, मेडिकल स्टूडेंट्स, रिसर्च और मरीजों से जुड़े काम को भी संभालना होता है. इसलिए इस पद के लिए सिर्फ डॉक्टर होना नहीं, बल्कि लंबे समय का मेडिकल और एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपीरियंस भी जरूरी है.
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