Vivo स्मार्टफोन्स में Google का AI-powered Scam Detection फीचर जल्द आने के संकेत मिले हैं। Phone by Google ऐप की APK teardown में Vivo का नाम सामने आया है।
कैसे काम करता है Google Scam Detection?
Google का Scam Detection फीचर फोन कॉल के दौरान संभावित धोखाधड़ी के संकेतों को पहचानने के लिए ऑन-डिवाइस AI का इस्तेमाल करता है। उदाहरण के तौर पर अगर कॉल के दौरान बातचीत में किसी तरह के संदिग्ध पैटर्न दिखाई देते हैं, तो फोन यूजर को चेतावनी दे सकता है। Google के मुताबिक Pixel 9 और उसके बाद के डिवाइसेज पर यह Gemini Nano के ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग का इस्तेमाल करता है, जबकि कुछ पुराने Pixel डिवाइसेज पर ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग मॉडल काम करते हैं।
कंपनी के अनुसार, फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहता है और यूजर की अनुमति के बाद ही सक्रिय होता है। Scam Detection के लिए इस्तेमाल होने वाला डेटा डिवाइस पर ही प्रोसेस किया जाता है। Google का कहना है कि बातचीत का ऑडियो या ट्रांसक्रिप्शन उसके सर्वर पर भेजा या स्टोर नहीं किया जाता।
Vivo यूजर्स के लिए क्यों खास है यह फीचर?
आजकल फोन कॉल के जरिए होने वाली ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, कस्टमर केयर एजेंट या किसी परिचित के नाम पर कॉल करके यूजर्स से पैसे या निजी जानकारी मांग सकते हैं। ऐसे में कॉल के दौरान ही संदिग्ध गतिविधि के बारे में चेतावनी मिलना यूजर्स के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा परत बन सकता है।
Google ने Android पर AI आधारित सुरक्षा को बढ़ाने के लिए दूसरे फीचर्स पर भी काम किया है। कंपनी ने जून 2026 में Fake Call Detection की घोषणा की थी, जो किसी कॉन्टैक्ट के नंबर की नकल करके की गई संदिग्ध कॉल को पहचानने में मदद करता है। इसका उद्देश्य AI-generated voice और caller ID spoofing जैसी तकनीकों से होने वाली ठगी से यूजर्स को बचाना है।
रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि यह फीचर कंपनी के किसी आगामी फ्लैगशिप स्मार्टफोन पर सबसे पहले पेश किया जा सकता है। Vivo X300 सीरीज या भविष्य की X500 सीरीज जैसे डिवाइसेज को लेकर अटकलें हैं, लेकिन अभी किसी मॉडल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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