आरोपों के आधार की हो जांच
आलोक कुमार ने अपने पत्र में कहा है कि इन नेताओं ने जो आरोप लगाए हैं, उनके पीछे क्या सच्चाई या आधार है, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। पुलिस को इन नेताओं से पूछना चाहिए कि उन्हें यह जानकारी कहां से मिली। उन्होंने आगे लिखा कि अगर इन नेताओं के पास कोई पक्के सबूत हैं, तो वे जांच में मदद करें। लेकिन, अगर बिना किसी सबूत के इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं, तो समाज में भ्रम फैलाने के लिए कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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नेताओं के किन बयानों पर आपत्ति?
पत्र में विपक्ष के नेताओं द्वारा दिए गए अलग-अलग बयानों का हवाला दिया गया है।
राम गोपाल यादव (सपा): इन्होंने आरोप लगाया था कि राम मंदिर में 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ है। भक्तों द्वारा दान किए गए सोने, चांदी, हीरे और नकदी का पूरा हिसाब सामने नहीं रखा गया।
अरविंद केजरीवाल (आप): इन्होंने दावा किया था कि भगवान राम के चढ़ावे और दानपात्र से सोने-चांदी और नकदी समेत करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी हुई है।
संजय सिंह (आप): इन्होंने भी राम मंदिर से 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी का आरोप लगाया था और कहा था कि इसमें करीब 50 कर्मचारी शामिल हैं।
प्रियंका गांधी वाड्रा (कांग्रेस): इन्होंने मांग की थी कि अगर इतने बड़े घोटाले की बात सामने आ रही है, तो मंदिर के सीसीटीवी फुटेज को आम जनता के लिए सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सच सबके सामने आ सके।
VHP International President and Senior Advocate Alok Kumar wrote a letter to Ayodhya DSP Ashutosh Tiwari the statements of several political leaders including Arvind Kejriwal, Ram Gopal Yadav, Sanjay Singh, Priyanka Gandhi Vadra on the alleged Ram Mandir donation embezzlement… pic.twitter.com/6ymwHD3Jc0
— ANI (@ANI) July 5, 2026
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