आयोग का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। नई व्यवस्था के तहत किसी भी परीक्षक को पूरी उत्तरपुस्तिका नहीं दी जाएगी, बल्कि विशेषज्ञों से प्रश्नवार मूल्यांकन करवाया जाएगा।
इसी माह आरओ-एआरओ का विज्ञापन जारी होगा
वहीं, यूपीपीएससी की बहुप्रतीक्षित आरओ-एआरओ-2026 भर्ती का विज्ञापन अगस्त के अंतिम सप्ताह में जारी होने की संभावना है। इस बार सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) के पदों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रहने की उम्मीद जताई जा रही है। इसकी प्रमुख वजह हाल ही में लगभग 350 एआरओ का पदोन्नत होकर समीक्षा अधिकारी (आरओ) बनना है, जिससे एआरओ के पद रिक्त हो गए हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों से नए रिक्त पदों का अधियाचन भी आयोग को मिलने की संभावना है। ऐसे में उम्मीद है कि तकरीबन 500 पदों पर नोटिफकेशन जारी होगा।
सीधी भर्ती में अब 500 अंकों की चयन प्रक्रिया
इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपनी सभी सीधी भर्तियों के लिए ‘लोक सेवा आयोग सीधी भर्ती (स्क्रीनिंग) 2025 नियमावली’ लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब चयन प्रक्रिया कुल 500 अंकों की होगी। इसमें 450 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, जिसमें प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होगा। इसके अलावा 50 अंकों का साक्षात्कार लिया जाएगा। अंतिम मेरिट तैयार करते समय लिखित परीक्षा के 450 अंकों को 75 प्रतिशत और साक्षात्कार के 50 अंकों को 25 प्रतिशत भरांक में परिवर्तित किया जाएगा। इसी आधार पर अंतिम चयन सूची जारी होगी। आयोग का मानना है कि नई प्रणाली से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और संतुलित बनेगी तथा अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा के साथ व्यक्तित्व का भी समुचित मूल्यांकन सुनिश्चित हो सकेगा।
आयोग में दोगुने कर्मचारियों की जरूरत
यूपीपीएससी में वर्तमान में करीब 250 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि समयबद्ध ढंग से बढ़ते कार्यों के निष्पादन के लिए लगभग दोगुने कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके विपरीत, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में करीब 2500 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिससे वहां कार्यों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो पाता है।
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