नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने हर रजिस्टर्ड डॉक्टर के लिए केंद्रीय स्तर पर एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UID) देने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत एक बार राज्य मेडिकल रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन होने के बाद डॉक्टर को देश के किसी दूसरे राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए दोबारा रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। यह प्रस्ताव डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन और प्रैक्टिस लाइसेंस से जुड़े 2026 के ड्राफ्ट नियमों में रखा गया है। इसके मुताबिक, राज्य मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन देने के बाद NMC का एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड (EMRB) डॉक्टर को UID जारी करेगा। यह नंबर डॉक्टर को नेशनल मेडिकल रजिस्टर (NMR) में भी रजिस्टर्ड करेगा और पूरे देश में प्रैक्टिस की अनुमति देगा। एक रजिस्ट्रेशन से पूरे देश में प्रैक्टिस प्रस्तावित व्यवस्था में डॉक्टर को EMRB के यूनिफाइड रजिस्ट्रेशन पोर्टल से आवेदन करना होगा। राज्य मेडिकल काउंसिल 30 दिनों के भीतर आवेदन पर कार्रवाई करेगी। रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस मिलने के बाद EMRB UID जारी करेगा। इसके बाद डॉक्टर किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में बिना नए लाइसेंस के प्रैक्टिस कर सकेगा। UID में संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश का कोड और राज्य मेडिकल रजिस्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर शामिल होगा। राज्य और राष्ट्रीय रजिस्टर आपस में जुड़े रहेंगे, ताकि किसी डॉक्टर के रिकॉर्ड में बदलाव अपने आप दोनों जगह अपडेट हो सके। डॉक्टर पर कार्रवाई भी पूरे देश में दिखेगी NMC ने प्रस्तावित NMR में डॉक्टर की रजिस्ट्रेशन डिटेल, लाइसेंस की स्थिति और अनुशासनात्मक कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने की बात कही है। अगर किसी डॉक्टर पर पेशेवर लापरवाही, गलत आचरण या मेडिकल नेग्लिजेंस का मामला बनता है, तो संबंधित राज्य मेडिकल काउंसिल इसकी जांच करेगी। अगर किसी दूसरे राज्य की काउंसिल डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो उसका रिकॉर्ड NMR में अपडेट होगा और यह जानकारी डॉक्टर के मूल राज्य के मेडिकल रजिस्टर में भी अपने आप दर्ज हो जाएगी। लाइसेंस 5 साल के लिए वैध प्रस्ताव के मुताबिक, डॉक्टर का मेडिसिन प्रैक्टिस लाइसेंस 5 साल तक वैध रहेगा। अवधि खत्म होने के 3 महीने के भीतर रिन्यू नहीं कराने पर डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन इनएक्टिव कर दिया जाएगा और वह प्रैक्टिस नहीं कर सकेगा। यह स्थिति नेशनल मेडिकल रजिस्टर में भी अपने आप अपडेट हो जाएगी। पुराने डॉक्टरों को भी मिलेगा UID जो डॉक्टर पहले से इंडियन मेडिकल रजिस्टर या राज्य मेडिकल रजिस्टर में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन उनके पास UID नहीं है, उनके लिए एक बार का अपडेट अभियान चलाया जाएगा। वे EMRB पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट कर UID ले सकेंगे। इसके लिए EMRB की ओर से कोई फीस नहीं ली जाएगी। विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए भी प्रावधान विदेश से मेडिकल डिग्री लेने वाले डॉक्टरों को भी प्रस्तावित सिस्टम में शामिल किया गया है। FMGE या लागू होने के बाद नेशनल एग्जिट टेस्ट (NEXT) पास करने वाले विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट संबंधित नियमों को पूरा करने पर NMR में रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र होंगे। NMC ने इस ड्राफ्ट पर 30 दिन के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। यानी ये अभी प्रस्तावित नियम हैं, अंतिम नियम लागू होने के बाद ही इनका असर शुरू होगा।
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