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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रविवार को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर खर्च किए। इसे अब तक के सबसे महंगे UFC आयोजनों में गिना जा रहा है।
इस फाइट कार्ड में कुल 7 मुकाबले रखे गए हैं। मुख्य मुकाबला लाइटवेट चैंपियन इलिया टोपुरिया और अंतरिम चैंपियन जस्टिन गेथजे के बीच होना है। मुकाबले देखने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उनकी सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, खास मेहमान और हजारों सैन्यकर्मी मौजूद हैं।
शुरुआती मुकाबले में बो निकल ने पहले ही राउंड में काइल डाउकस को नॉकआउट कर दिया। उन्होंने एक जोरदार लेफ्ट हुक और राइट पंच से प्रतिद्वंद्वी को गिराया, जिसके बाद रेफरी ने मुकाबला रोक दिया।
जीत के तुरंत बाद बो निकल पिंजरे से बाहर आए और सीधे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास पहुंचे। दोनों ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। इस इवेंट में करीब 4300 लोग मौजूद हैं। दूसरी तरफ, 85 हजार लोगों के लिए अलग फैन जोन बनाया गया है।
UFC फाइट से जुड़ी 5 तस्वीरें…

मैच शुरू होने से पहले व्हाइट हाउस बालकनी में राष्ट्रपति ट्रम्प और UFC CEO डाना व्हाइट।

मैच के दौरान ट्रम्प और उनकी पत्नी मेलानिया मुकाबला देखते हुए।

92 फीट ऊंचे क्लॉ को ऑक्टागन और दर्शकों की कई सीटों के ऊपर बनाया गया है। इसका वजन करीब 600 टन है।

व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित UFC फ्रीडम 250 के दौरान ब्राजील के डिएगो लोपेस और अमेरिका के स्टीव गार्सिया फेदरवेट मुकाबले में आमने-सामने।

UFC फ्रीडम 250 में काइल डाउकस को हराने के बाद जीत का जश्न मनाते अमेरिकी फाइटर बो निकल। वह जीत के बाद तुरंत ट्रम्प से हाथ मिलाने पहुंचे।
ट्रम्प ने कहा- यह धरती का सबसे बड़ा शो
सरकार के कई अधिकारियों और खुद ट्रम्प ने आयोजन की तारीफ की है। ट्रम्प ने इसे ‘धरती का सबसे बड़ा शो’ बताया और ‘क्लॉ’ की तुलना पेरिस के एफिल टॉवर से की। वहीं विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने UFC को अमेरिका की सॉफ्ट डिप्लोमैटिक पावर बताया है।
इस इवेंट में कुल 14 फाइटर UFC के लगातार मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। मुख्य मुकाबला जॉर्जियाई-स्पेनिश लाइटवेट फाइटर इलिया टोपुरिया और अमेरिकी फाइटर जस्टिन गैथजी के बीच होगा।
मुकाबलों की शुरुआत स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे होगी। इसका प्रसारण केवल पैरामाउंट प्लस पर किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म डेविड एलिसन की कंपनी संचालित करती है, जिन्हें ट्रम्प का सहयोगी माना जाता है। पिछले साल UFC ने इस स्ट्रीमिंग सेवा के साथ 7.7 अरब डॉलर का समझौता किया था।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस आयोजन का सबसे बड़ा फायदा UFC ब्रांड को मिल सकता है। एक समय ऐसा था जब इस खेल को प्रायोजकों और कई आयोजकों ने स्वीकार नहीं किया था। एक अमेरिकी सीनेटर ने इसे कभी ‘मानव मुर्गा लड़ाई’ तक कहा था। अब वही खेल व्हाइट हाउस तक पहुंच गया है।
33 साल पहले शुरू हुआ था UFC का सफर
अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (UFC) आज दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) लीग है। इसकी शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी।
उस दौर में बॉक्सिंग, कराटे, कुश्ती और ब्राजीलियन जिउ-जित्सु जैसी अलग-अलग फाइटिंग शैलियों के समर्थक अपनी-अपनी तकनीक को सबसे प्रभावी बताते थे। यह बहस काफी लोकप्रिय थी कि असली मुकाबले में कौन-सी मार्शल आर्ट सबसे ज्यादा कारगर साबित होगी।
इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए UFC का पहला टूर्नामेंट आयोजित किया गया। इसमें ब्राजीलियन जिउ-जित्सु विशेषज्ञ रॉयस ग्रेसी चैंपियन बने।
ग्रेसी शारीरिक रूप से कई प्रतिद्वंद्वियों से छोटे और हल्के थे, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक के दम पर बड़े और ताकतवर फाइटर्स को हराकर सबको चौंका दिया। उन्होंने कई मुकाबले सबमिशन के जरिए जीते।
समय के साथ खेल का स्वरूप भी बदल गया। अब फाइटर्स सिर्फ एक शैली पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि बॉक्सिंग, रेसलिंग, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी कई तकनीकों को मिलाकर मुकाबला करते हैं। यही वजह है कि इसे आज ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ कहा जाता है।

250 साल की आजादी का जश्न मनाएगा अमेरिका
अमेरिका इस साल अपनी आजादी के 250 साल पूरे करने जा रहा है। 4 जुलाई 2026 को देश स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ मनाएगा।
इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं और पूरे देश में एक साल से ज्यादा समय तक चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। UFC इवेंट भी इसी जश्न का हिस्सा है, जिसे ट्रम्प प्रशासन प्रमुख आकर्षण के तौर पर पेश कर रहा है।
अमेरिका की स्थापना का आधार माने जाने वाले ‘डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस’ पर 4 जुलाई 1776 को हस्ताक्षर हुए थे। इसी की 250वीं सालगिरह के मौके पर देशभर में परेड, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामुदायिक अभियान और बड़े सार्वजनिक समारोह आयोजित किए जाएंगे।
व्हाइट हाउस ने ‘टास्क फोर्स 250’ बनाई है, जो संघीय सरकार, राज्यों, निजी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर आयोजन कर रही है।
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