कौन हैं जोनाथन जैकब मीजेर?
जोनाथन पिछले करीब 17 सालों से स्पर्म डोनर के तौर पर सक्रिय थे. शुरुआत में उन्होंने फर्टिलिटी क्लीनिक्स के जरिए स्पर्म डोनेट किया, लेकिन बाद में उन्होंने सीधे परिवारों से संपर्क करना शुरू कर दिया. कई मामलों में यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रखी गई. नीदरलैंड्स में उन्होंने 100 से ज्यादा बच्चों के जन्म में योगदान दिया, जबकि देश के नियमों के अनुसार एक डोनर 25 बच्चों तक ही सीमित रह सकता है.
2017 में पहली बार उठा विवाद
साल 2017 में मामला तब गरमाया जब डच अदालत ने जोनाथन पर स्पर्म डोनेट करने पर रोक लगा दी. कोर्ट का मानना था कि उनकी गतिविधियां तय सीमा से कहीं आगे बढ़ चुकी हैं. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस रोक के बावजूद उन्होंने विदेशों में स्पर्म भेजना जारी रखा.
2023 में फिर खुली पोल
साल 2023 में एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आया, जब खुलासा हुआ कि जोनाथन ने अदालत के आदेश का पालन नहीं किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने दुनियाभर में सैकड़ों परिवारों के साथ संपर्क बनाकर लगभग 1000 बच्चों के जन्म में योगदान दिया.
परिवारों ने लगाए धोखे के आरोप
इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू तब सामने आया जब कई महिलाओं और परिवारों ने आरोप लगाया कि जोनाथन ने उनसे सच छुपाया. उन्हें बताया गया था कि वह सीमित संख्या में ही डोनेशन कर रहे हैं, जबकि असलियत में उनकी संख्या सैकड़ों में थी. एक महिला ने कहा कि सच्चाई जानने के बाद उन्हें गहरा झटका लगा और वह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं.
Netflix की डॉक्युमेंट्री ने खोले राज़
Netflix की डॉक्युमेंट्री “The Man With 1000 Kids” में इस पूरे मामले को विस्तार से दिखाया गया है. इसमें उन महिलाओं और परिवारों की कहानी सामने आई है, जिन्होंने जोनाथन के स्पर्म का इस्तेमाल किया. डॉक्युमेंट्री में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए- खासतौर पर यह कि कैसे धीरे-धीरे लोगों को इस बड़े सच का पता चला.
बच्चों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर एक ही डोनर के बच्चे होना भविष्य में गंभीर सामाजिक और जैविक समस्याएं पैदा कर सकता है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि ये बच्चे अनजाने में एक-दूसरे के संपर्क में आ सकते हैं, जिससे रिश्तों को लेकर जटिल स्थिति बन सकती है.
जोनाथन का पक्ष भी जानिए
जहां एक ओर कई परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, वहीं जोनाथन इन आरोपों को गलत बताते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने लोगों की मदद की है और कई परिवार आज भी उनके आभारी हैं. उनका यह भी दावा है कि डॉक्युमेंट्री में सिर्फ नकारात्मक पक्ष को ज्यादा दिखाया गया है.
अदालत का सख्त फैसला
इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए अदालत ने जोनाथन पर स्पर्म डोनेशन को लेकर पूरी तरह बैन लगा दिया है. साथ ही, हर उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है. यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि यह उस सिस्टम पर सवाल उठाती है, जहां पारदर्शिता की कमी लोगों की जिंदगी को गहराई से प्रभावित कर सकती है.(स्टोरी सोर्स बीबीसी स्पैनिश)
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