Maheshwar Tourism: शारदा सदन ग्रंथालय समिति के माध्यम से यहां टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर एंड लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है. केंद्र से पर्यटकों को गाइड, होटल, भोजनालय, रेस्टोरेंट, टैक्सी और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है. साथ ही पर्यटन मानचित्र, पुस्तिकाएं और साहित्य भी उपलब्ध हैं. यहां स्थानीय संस्कृति, कला और परंपराओं से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है
सितंबर 2025 से यह केंद्र नियमित रूप से संचालित हो रहा है. यहां दर्शनीय स्थलों, धार्मिक मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों की विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है. पहले पर्यटकों को अलग-अलग जगहों से जानकारी जुटानी पड़ती थी, लेकिन अब एक ही स्थान पर सब कुछ मिल रहा है. इससे उनका समय बच रहा है और भ्रम की स्थिति भी खत्म हो रही है. महेश्वर आने वाले पर्यटकों के लिए यह केंद्र एक मददगार स्थल बन गया है.
पर्यटकों को मिलती है जरूरी जानकारी
शारदा सदन ग्रंथालय समिति के माध्यम से यहां टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर एंड लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है. केंद्र से पर्यटकों को गाइड, होटल, भोजनालय, रेस्टोरेंट, टैक्सी और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है. साथ ही पर्यटन मानचित्र, पुस्तिकाएं और साहित्य भी उपलब्ध हैं. यहां स्थानीय संस्कृति, कला और परंपराओं से जुड़ी जानकारी भी दी जा रही है. पर्यटक यहां से हस्तकला और स्मारिका भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें महेश्वर की पहचान को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है.
पर्यटकों के लिए लगेज सुविधा
संस्थान से जुड़े एडवोकेट जितेंद्र नेगी ने बताया कि भवन में पर्यटकों के लिए लगेज रखने की सुविधा भी शुरू की गई है. चार बैग तक रखने के लिए मात्र 50 रुपये शुल्क लिया जाता है. इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को भारी सामान लेकर घूमने में परेशानी नहीं होती. यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो एक दिन के लिए महेश्वर घूमने आते हैं. नगर के नागरिकों और पर्यटकों दोनों के लिए यह पहल लाभकारी साबित हो रही है.
होलकर राजवंश से जुड़ी सैकड़ों पुस्तकें
दो मंजिला इस भवन के ग्राउंड फ्लोर पर देवी अहिल्याबाई होलकर के समय की दुर्लभ वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई है. यहां बैठक कक्ष और लगेज रूम भी बनाया गया है. प्रथम मंजिल पर आधुनिक ग्रन्थालय संचालित हो रही है, जहां करीब 30 बच्चे पढ़ने आते हैं. लाइब्रेरी का सालाना शुल्क 200 रुपये रखा गया है. वाईफाई सुविधा के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होता है. इसी मंजिल पर महेश्वर और होलकर राजवंश से जुड़ी सैकड़ों पुस्तकें रखी गई हैं. इन पुस्तकों की पीडीएफ फाइल भी तैयार की गई है, जो नाममात्र शुल्क पर पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाती है.
जल्द शुरू होगा अहिल्या प्रसादम
एडवोकेट जितेंद्र नेगी ने बताया कि भवन में जल्द ही एक मिनी भोजनालय शुरू करने की योजना है. यहां “अहिल्या प्रसादम” नाम से सस्ती और अच्छी भोजन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इससे पर्यटकों को कम खर्च में भरपेट भोजन मिल सकेगा. उन्होंने बताया कि शारदा सदन ग्रंथालय की स्थापना वर्ष 1872 में हुई थी. समय के साथ भवन जर्जर हो गया था. शासन से मांग के बाद नया भवन तैयार हुआ है. सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक यह खुला रहता है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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