संसद सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया. इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और सिंबॉलिक वॉकआउट कर दिया. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए.
TMC ने उठाया बागी सांसदों का मुद्दा- धर्मेंद्र यादव
इस बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि TMC के नेताओं ने सवाल उठाया कि आधिकारिक TMC सांसदों की जगह पहले बागी सांसदों की सूची क्यों दिखाई गई. उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अलोकतांत्रिक है.
महुआ मोइत्रा ने कहा- यह गलत परंपरा
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि जब ये सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, तो उन्हें सर्वदलीय बैठक में क्यों बुलाया गया. उन्होंने कहा कि बागी सांसदों को आमंत्रित करना गलत परंपरा है.
विपक्ष ने किया प्रतीकात्मक वॉकआउट
विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए. विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया. विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और TMC के बागी सांसदों के मुद्दे पर सरकार को घेरा. इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए.
महुआ मोइत्रा ने साधा निशाना
महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (UBT) समेत पूरे विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक से प्रतीकात्मक वॉकआउट किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-मान्यता प्राप्त NCPI को बैठक में बुलाया गया, जबकि उसके 20 बागी सांसदों के विलय को अभी तक लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूरी नहीं दी है और उनकी अयोग्यता संबंधी याचिकाएं लंबित हैं. महुआ ने सवाल उठाया कि आखिर संसदीय कार्य मंत्री ने इन सांसदों को किस आधार पर बैठक का निमंत्रण दिया.
बीजेपी पर भड़कीं महुआ माझी
जेएमएम की राज्यसभा सांसद महुआ माझी ने कहा कि बीजेपी लगातार दूसरे दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है और उसे अब भी कुछ सीटों की जरूरत है. उन्होंने कहा कि विपक्ष महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में है, लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन (Delimitation) से जोड़ दिया है. उन्होंने आशंका जताई कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन होने पर झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटें कम हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार सीटें कम नहीं होने का भरोसा दे और विपक्ष सहमत हो, तो उनकी पार्टी अपने रुख पर विचार कर सकती है.
किरेन रिजिजू ने की अपील
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की. रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनेगी और उम्मीद करती है कि विपक्ष भी सरकार की बात सुनेगा, क्योंकि संसद जितनी बेहतर चलेगी, देश को उतना ही फायदा होगा.
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