बॉलीवुड एक्ट्रेस एवं निर्देशक टिस्का चोपड़ा इन दिनों हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में आध्यात्मिक सुकून की तलाश में हैं। गुरु पूर्णिमा पर उन्होंने पालमपुर के कंदवाड़ी स्थित महावतार बाबा मेडिटेशन सेंटर का दौरा किया। यहां उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरु योगीराज अमर ज्योति से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। दोनों की यह मुलाकात लगभग तीन दशकों (30 वर्षों) के लंबे अंतराल के बाद हुई है। 30 साल बाद मुलाकात को बताया ‘घर वापसी’ दैनिक भास्कर से बातचीत में टिस्का चोपड़ा ने नुभव को बेहद भावुक और आत्मिक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्षों के बाद अपने गुरु योगीराज अमर ज्योति से दोबारा मिलना उनके लिए किसी ‘घर वापसी’ जैसा अनुभव था। आश्रम प्रवास के दौरान उन्होंने ध्यान (मेडिटेशन), पवित्र हवन और गुरु के सान्निध्य में समय बिताया। टिस्का चोपड़ा ने कहा कि कुछ अनुभव शोर के साथ नहीं आते, बल्कि चुपचाप जीवन में उतरते हैं। वे अपने साथ अधिक स्पष्टता, विनम्रता और यह एहसास छोड़ जाते हैं कि जीवन की सबसे गहरी यात्राएं हमेशा भीतर की ओर होती हैं।” — तनाव और भागदौड़ से दूर पहाड़ों का रुख आश्रम प्रवास के बाद टिस्का ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्वीकार किया कि जब जीवन में तनाव, अत्यधिक सोच और लगातार भागदौड़ बढ़ जाती है, तब उनकी रचनात्मकता फीकी पड़ने लगती है। ऐसे समय में परिस्थितियों से उलझने के बजाय वे सुकून की तलाश में सीधे पहाड़ों की ओर रुख कर लेती हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि देवदार के वृक्षों की महक, बर्फीली धाराओं का शीतल जल और बादलों के बीच बिताए कुछ दिन उनकी आत्मा को फिर से तरोताजा और शांत कर देते हैं। गुरु पूर्णिमा पर पाया गुरु आशीर्वाद टिस्का ने साझा किया कि इस बार की हिमाचल यात्रा केवल विश्राम तक सीमित नहीं थी। ईश्वर की कृपा से उन्हें गुरु पूर्णिमा के विशेष दिन बाबाजी के आश्रम में रहने, हवन यज्ञ में हिस्सा लेने और अपने गुरु का प्रत्यक्ष आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिसने उन्हें मानसिक व आत्मिक रूप से नई ऊर्जा से भर दिया है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.