Navel Oil Therapy: नाभि में तेल लगाना पुरानी परंपरा है. घर के बड़े-बुजुर्ग छोटी-छोटी शरीरिक दिक्कतों पर तेल लगाने की सलाह देते थे. लेकिन, इनके बारे में आज बहुत से लोगाें को पता नहीं है. खंडवा के एक्सपर्ट से जानें ये घरेलु उपास किस हद तक कारगर हैं?
Local 18 ने इस विषय पर हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. अनिल पटेल से बात की तो बेहद खास बातें सामने आईं. डॉ. पटेल के मुताबिक, नाभि के आसपास कई सूक्ष्म नसें और रक्त वाहिकाएं जुड़ी होती हैं. यहां हल्की मालिश करने से आराम का एहसास हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं समझना चाहिए. कुछ लोगों को नाभि पर तेल लगाने से पाचन में हल्की राहत, त्वचा में नमी और मानसिक सुकून महसूस हो सकता है. हालांकि, वैज्ञानिक तौर पर इन दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती है. फिर भी जो चलन में हो वो जानना चाहिए…
सरसों का तेल
सरसों का तेल शरीर को गर्म तासीर देता है. ठंड के मौसम में हल्की मालिश से पेट में आराम महसूस हो सकता है. कुछ लोगों को गैस और सूजन में राहत मिलती है, लेकिन यह व्यक्ति की प्रकृति पर निर्भर करता है. तेल की 2-3 बूंदें नाभि में डालकर हल्के हाथों से घड़ी की दिशा में मालिश करें.
नीम या नारियल तेल
नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं और नारियल तेल त्वचा को मॉइस्चराइज करता है. अगर किसी को त्वचा संबंधी समस्या या मुंहासे की शिकायत है तो शरीर की ठंडक बनाए रखने में ये तेल सहायक हो सकते हैं. संवेदनशील त्वचा वालों के लिए नारियल तेल ज्यादा सौम्य माना जाता है.
अरंडी (कैस्टर) का तेल
अरंडी का तेल अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है. हल्की मालिश से मांसपेशियों की जकड़न या पेट के आसपास की अकड़न में आराम मिल सकता है. इसे रात में सोने से पहले कम मात्रा में लगाना बेहतर रहता है.
बादाम का तेल
बादाम तेल पोषक तत्वों से भरपूर होता है. नाभि में इसकी हल्की मालिश से मन शांत महसूस कर सकता है, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है. तनाव और थकान महसूस करने वालों के लिए यह विकल्प अच्छा माना जाता है.
शुद्ध देसी घी
देसी घी को आयुर्वेद में स्निग्ध और पोषण देने वाला माना गया है. नाभि पर 1-2 बूंद घी लगाने से त्वचा की रूखापन कम हो सकता है. कुछ लोगों को मानसिक सुकून भी मिलता है.
कैसे करें इस्तेमाल?
रात को सोने से पहले नाभि को साफ कर लें. फिर 2-3 बूंद तेल या घी डालें. 5 मिनट तक हल्के हाथों से मालिश करें. किसी भी तरह की एलर्जी या त्वचा पर रिएक्शन हो तो तुरंत बंद करें. डॉ. अनिल पटेल की सलाह है कि नाभि में तेल लगाना एक पारंपरिक और सहायक तरीका हो सकता है, लेकिन इसे दवा का विकल्प न मानें. अगर गैस, सूजन, हार्मोनल समस्या या त्वचा रोग लंबे समय से हैं तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
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