सही गमला और जड़ों के लिए जगह
गुड़हल की जड़ें तेजी से फैलती हैं, इसलिए छोटा गमला पौधे की ग्रोथ रोक देता है. कविता जोशी के मुताबिक इसे हमेशा 12–16 इंच के गमले में लगाना बेहतर रहता है. अगर पौधा पुराना हो गया है और जड़ें नीचे से दिखने लगें, तो रिपॉटिंग जरूर करें. बड़े गमले में नई मिट्टी मिलने से जड़ों को फैलने की जगह मिलती है और पौधा नई ऊर्जा से बढ़ता है.
कैसी हो मिट्टी
गुड़हल के लिए मिट्टी भुरभुरी और पोषक होनी चाहिए. सामान्य बगीचे की मिट्टी में गोबर की खाद मिलाने से मिट्टी नरम रहती है और जड़ों को हवा मिलती है, अगर पौधा पहले से लगा है और मिट्टी सख्त हो गई है, तो ऊपर की परत हटाकर नई खाद-मिट्टी मिलाई जा सकती है. इससे पौधा जल्दी रिवाइव होता है और नई कलियां बनाता है.
कटाई-छंटाई से बढ़ते हैं फूल
गुड़हल में नई शाखाओं पर ही ज्यादा फूल आते हैं. इसलिए सर्दी खत्म होते ही मार्च या अप्रैल में हल्की प्रूनिंग करना जरूरी है. सूखी, पतली या अंदर की ओर बढ़ती शाखाओं को काट दें. इससे पौधा घना बनता है और नई टहनियां निकलती हैं. जितनी ज्यादा नई शाखाएं, उतने ज्यादा फूल -यह गुड़हल की सबसे अहम ग्रोथ ट्रिक मानी जाती है.
खाद डालने से पहले गुड़ाई
समय के साथ गमले की मिट्टी सख्त हो जाती है और जड़ों तक हवा नहीं पहुंचती. इसलिए महीने में एक-दो बार हल्की गुड़ाई करें. लगभग एक इंच गहराई तक मिट्टी को ढीला करने से जड़ें सांस ले पाती हैं और खाद का असर भी ज्यादा होता है. किसी भी खाद को डालने से पहले गुड़ाई करना जरूरी माना जाता है.
केले के छिलके की खाद बनाने और डालने का तरीका
सर्दियों में गुड़हल आराम की अवस्था में चला जाता है. मौसम बदलते ही उसे पोटेशियम की जरूरत होती है, जिससे फूलों की संख्या और आकार दोनों बढ़ते हैं. केले के छिलके इसमें बहुत काम आते हैं.
खाद बनाने का आसान तरीका
केले के छिलकों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें. पूरी तरह सूखने पर छोटे टुकड़े कर लें या मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें. गमले की मिट्टी हल्की ढीली करें. छिलके का पाउडर चारों तरफ छिड़कें. ऊपर से थोड़ा पानी दें. यह ऑर्गेनिक पोटेशियम धीरे-धीरे मिट्टी में मिलकर पौधे को ताकत देता है और कलियां तेजी से बनने लगती हैं.
पानी देने का सही तरीका
गुड़हल को नमी पसंद होती है, लेकिन ज्यादा पानी जड़ों को सड़ा देता है. इसलिए पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपर की परत सूखी लगे. गर्मियों में रोज या एक दिन छोड़कर पानी दिया जा सकता है, जबकि ठंड में अंतर बढ़ाना चाहिए. साथ ही पत्तियों पर हल्का स्प्रे करना भी फायदेमंद रहता है. इससे धूल हटती है और पत्तियां सूरज की रोशनी को बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर पाती हैं.
धूप, कीट और देखभाल
पौधे को रोज 5–6 घंटे सीधी धूप मिलनी चाहिए. सफेद रूई जैसे कीड़े दिखें तो नीम तेल का स्प्रे करें. पीली पत्तियां हटाते रहें, ताकि पौधा नई कलियों पर ऊर्जा लगाए.
नया पौधा लगाने का सही समय
अगर आप नया गुड़हल लगाना चाहते हैं, तो मानसून यानी जुलाई-अगस्त सबसे अच्छा समय माना जाता है. हवा में नमी होने से कटिंग जल्दी जड़ पकड़ती है. पेंसिल जितनी मोटी डंडी लेकर भुरभुरी मिट्टी में लगाएं और हल्की नमी बनाए रखें. कुछ हफ्तों में नई पत्तियां दिखने लगेंगी.
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