तकनीक की दुनिया से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां एक नई एआई सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
बता दें कि कुछ अज्ञात डिस्कॉर्ड उपयोगकर्ताओं के एक समूह ने दावा किया है कि उन्होंने एंथ्रोपिक नाम की कंपनी के एक नए एआई मॉडल तक पहुंच बना ली है, जिसे अभी सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार इस मॉडल का नाम क्लॉड मिथोस प्रीव्यू बताया जा रहा है, जिसे कंपनी ने बेहद शक्तिशाली मानते हुए सीमित लोगों के लिए ही उपलब्ध कराया था।
गौरतलब है कि एंथ्रोपिक का कहना था कि यह मॉडल इतनी क्षमता रखता है कि वह बड़े स्तर पर सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को पहचान सकता है और उनका फायदा उठा सकता है। इसी वजह से इसे केवल चुनिंदा साझेदारों को एक विशेष पहल के तहत उपलब्ध कराया गया था, ताकि महत्वपूर्ण प्रणालियों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक इस समूह ने किसी जटिल तकनीकी तरीके से नहीं, बल्कि कंपनी के पुराने नामकरण पैटर्न के आधार पर मॉडल के संभावित ऑनलाइन स्थान का अंदाजा लगाकर वहां तक पहुंच बनाई। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में समूह के एक सदस्य को अतिरिक्त मदद मिली, जिसे पहले से ही एक बाहरी ठेकेदार के तौर पर सीमित अधिकार प्राप्त थे।
मौजूद जानकारी के अनुसार यह समूह एक निजी ऑनलाइन मंच पर सक्रिय है, जहां ऐसे नए और अप्रकाशित मॉडलों की जानकारी जुटाने पर काम किया जाता है। समूह के एक सदस्य ने दावा किया कि उन्होंने इस मॉडल का इस्तेमाल किसी गलत काम के लिए नहीं किया, बल्कि सामान्य कार्यों जैसे साधारण वेबसाइट बनाने में किया है।
इस बीच एंथ्रोपिक ने भी इस दावे को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक यह सामने नहीं आया है कि किसी अन्य अनधिकृत व्यक्ति ने इस मॉडल तक पहुंच बनाई हो।
गौर करने वाली बात यह है कि जिस मॉडल को कंपनी ने भविष्य में साइबर सुरक्षा की दिशा बदलने वाला बताया था, उसी तक अनधिकृत पहुंच की खबरें सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है।
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