अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को की यूनियन स्ट्रीट पर बने ‘एंडन मार्केट’ का नजारा किसी भी आम रिटेल स्टोर से बिलकुल अलग है। दावा किया जा रहा है कि दुनिया का पहला उपक्रम है जिसे इंसान नहीं, बल्कि एआई बॉट ‘लुना’ चलाता है। अगर आप सोच रहे हैं कि यह एआई बॉस हॉलीवुड फिल्मों के किसी कठोर या सख्त तानाशाह की तरह काम कर रहा है, तो आप गलत हैं। हकीकत में लुना के साथ काम करना एक ऐसे शख्स का साथ निभाने जैसा है जिसे भूलने की बीमारी हो! स्टोर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए लुना ‘ड्रीम बॉस’ है। कर्मचारियों ने जब भी एप के जरिए छुट्टी मांगी, लुना ने तुरंत मंजूर कर ली, भले ही इससे स्टोर में काम करने के लिए कोई न बचे। जब भी कोई कर्मचारी लेट आया, लुना का एक ही जवाब होता… ‘कोई बात नहीं, तनाव मत लो।’लेकिन इस अत्यधिक दयालुता के पीछे कारोबारी समझ का भारी अभाव है। लुना अक्सर चीजें भूल जाता है। एक बार दुकान का प्रचार करने के लिए उसने इंस्टाग्राम पेज बनाना चाहा, पर हफ्तेभर अपने अकाउंट का पासवर्ड ही भूल गया! इतना ही नहीं, लुना को प्राइवेसी व प्रोफेशनल सीमाओं का भी अंदाजा नहीं है। उसने एक कर्मचारी की सैलरी पूरे सार्वजनिक ग्रुप में शेयर कर दी और वीकेंड की रात भी काम के मैसेज भेजने लगा। लुना के स्टोर का इन्वेंट्री प्रबंधन बेतरतीब है। शेल्फ पर मोमबत्तियों, अजीब किताबों और शॉट ग्लासेज जैसी गैर जरूरी चीजें भरी पड़ी हैं। हाल ही में मंगाए गए हरे स्माइली वाले कपों पर स्माइली इतनी छोटी छपी कि बिंदी जैसी दिखने लगी, फिर भी उन्हें बिक्री के लिए रख दिया गया। बड़ी जिम्मेदारी संभालने में सक्षम नहीं एआई मॉडल शोधकर्ताओं का मानना है कि यह प्रयोग साबित करता है कि एआई मॉडल्स अभी इतने सक्षम नहीं हुए हैं कि इंसानी निगरानी के बिना पूरा बिजनेस संभाल सकें। लुना भले ही कर्मचारियों को खुश रखने वाला बॉस साबित हुआ हो, लेकिन बिना कारोबारी सूझबूझ के कोई भी दुकान सिर्फ दयालुता से नहीं चल सकती। एंडन लैब्स ने लुना को 95 लाख रु. का बजट व डेबिट कार्ड देकर मुनाफा कमाने की जिम्मेदारी दी थी। पर प्रयोग में वह फेल रहा, 4 माह में ही स्टोर को 60 लाख रु. का नुकसान झेलना पड़ा।
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