एआई के दौर में करियर सुरक्षित रखने की चिंता स्वाभाविक है। विशेषज्ञों के अनुसार, चिकित्सा, कानून, शिक्षा और निर्माण जैसे क्षेत्रों में जहां मानवीय निर्णय, संवेदनशीलता और कुशल कारीगरी की जरूरत है, वहां नौकरियां सुरक्षित रहेंगी। इसके अलावा एआई को लेकर एक अलग ट्रेंड भी है। टॉप यूनिवर्सिटी के होनहार छात्र अब मोटी सैलरी वाली नौकरियों को छोड़कर खुद का बिजनेस शुरू करने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के छात्र चार्ल्स म्यूलबर्गर ने बड़ी कंपनी में इंटर्नशिप करने के बजाय खुद का एआई स्टार्टअप शुरू किया है। एआई के चलते डेटा व तकनीक से जुड़ी नौकरियों में तेजी आएगी, जहां हाथों के हुनर की जरूरत है वहां नौकरी जाने का खतरा नहीं चिकित्सा – इलाज के फैसले लेने वाली नौकरियां सुरक्षित फार्मासिस्ट हीरा मलिक के अनुसार स्वास्थ्य क्षेत्र में दफ्तर का काम, दवाइयों की पर्ची बनाना और कॉल उठाना जैसे काम एआई से प्रभावित हो सकते हैं, पर डॉक्टरों और नर्सों की जरूरत बनी रहेगी। डॉ. रियाज आगा के मुताबिक प्लास्टिक सर्जरी सुरक्षित है। शिक्षा – पढ़ाई और बच्चों की देखभाल में इंसानी जरूरत शिक्षा में एआई टीचर्स की जगह लेने पर नहीं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जनरेशनल सक्सेस लैब के फाउंडर शरथ जीवन कहते हैं कि छात्रों को सीखने के लिए भरोसेमंद वयस्क रिश्तों की जरूरत हमेशा रहेगी। चाइल्डकेयर एक्सपर्ट विगडॉर्ट्ज के मुताबिक बच्चे की देखभाल के लिए लोग इंसान ही चाहते हैं। कारीगरी – हाथों से होने वाला काम हमेशा सुरक्षित रहेगा फेडरेशन ऑफ मास्टर बिल्डर्स के सीईओ ब्रायन बेरी का कहना है कि निर्माण क्षेत्र में एआई का असर सीमित है। राजमिस्त्री, बढ़ई और प्लास्टर जैसे हाथों के हुनर हमेशा सुरक्षित रहेंगे। हमें इस क्षेत्र के बारे में सोच बदलनी होगी क्योंकि ये काम एआई से ज्यादा भरोसेमंद हैं। बैंकिंग-फाइनेंस – रूटीन जॉब्स पर असर, डेटा और एआई रोल बढ़ेंगे ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के सीनियर बैंकिंग एनालिस्ट टोमाश नोएट्जेल के मुताबिक, बैंकिंग में ग्राहकों की सामान्य सेवा और दफ्तर के दोहराव वाले काम एआई की चपेट में आएंगे। हालांकि, डेटा और तकनीक से जुड़े रोल बढ़ेंगे। जोखिम परखने और फैसले लेने वाले काम सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि बैंकों को इन पर भी इंसान की निगरानी की जरूरत है।
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