कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत में सिंह ने कहा, ‘‘ 130 देशों के खरीदार यहां आए हैं। हम विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर बातचीत कर रहे हैं। कुछ पर बातचीत जारी है, जबकि कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि हम वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हैं।’’
‘भारत टेक्स-2026’ के तीसरे संस्करण में अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, रूस, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बांग्लादेश सहित 130 देश हिस्सा ले रहे हैं।
सिंह ने कहा कि ‘भारत टेक्स-2026’ में विभिन्न देशों की व्यापक भागीदारी मुक्त व्यापार समझौतों, निर्यात विविधीकरण और कारोबार सुगमता सुधारों को बढ़ावा देने की सरकार की पहल के बीच वैश्विक वस्त्र क्षेत्र में भारत की बढ़ती मौजूदगी को रेखांकित करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने निर्यात विविधीकरण के लिए 40 देशों की पहचान की है और इस दिशा में काम कर रहे हैं। इसी वजह से वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत के वस्त्र निर्यात पर अधिक असर नहीं पड़ा।’’
सिंह ने बताया कि ‘भारत टेक्स-2026’ में भाग लेने वाले प्रदर्शकों में 90 प्रतिशत से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) हैं, जो इस क्षेत्र में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।
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उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर वस्त्र आयात का आकार लगभग 900 अरब अमेरिकी डॉलर का है। साथ ही उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने वस्त्र आयात करने वाले कई प्रमुख देशों के साथ एफटीए किए हैं और कई अन्य देशों के साथ ऐसे समझौतों पर बातचीत जारी है।
मंत्री ने कहा कि इस आयोजन में विदेशी खरीदारों के साथ-साथ निवेशक भी रुचि दिखा रहे हैं।
चीन से इतर आपूर्ति स्रोत तलाश रहे वैश्विक वस्त्र खरीदारों को वह क्या संदेश देना चाहेंगे, इस सवाल पर सिंह ने कहा, ‘‘ उनके साथ मेरी बैठक है। इस बार यहां केवल खरीदार ही नहीं, बल्कि निवेशक भी आ रहे हैं। ’’
उन्होंने कहा कि तिरुपुर, सूरत, इचलकरंजी, पानीपत और लुधियाना जैसे वस्त्र विनिर्माण केंद्र कारोबार सुगमता में सुधार के कारण तेजी से उभर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अक्टूबर तक कपास पर आयात शुल्क समाप्त कर दिया है।
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वस्त्र क्षेत्र की विकास संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर का वस्त्र बाजार तैयार करना है। इसमें 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात और 250 अरब अमेरिकी डॉलर का घरेलू बाजार शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के समय घरेलू वस्त्र बाजार का आकार 138 अरब अमेरिकी डॉलर था, जो अब बढ़कर लगभग 190 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है।
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