राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए परिणाम को अप्रत्याशित बताया और साथ ही अपनी पार्टी की विचारधारा और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि हमें बंगाल में इस तरह के नतीजों की उम्मीद नहीं थी। लेकिन चूंकि भाजपा सत्ता में है, इसलिए पूरी व्यवस्था और तंत्र उनके हाथों में है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी विचारधारा यह है कि हार-जीत ज्यादा मायने नहीं रखती; कई चुनाव होंगे, आते रहेंगे, लेकिन हम अपनी विचारधारा, अपनी नीतियों और सिद्धांतों के लिए लड़ेंगे और भाजपा-आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ हमेशा संघर्ष करते रहेंगे।
इसे भी पढ़ें: West Bengal में BJP की प्रचंड जीत के बाद खुलने लगे वर्षों से बंद पड़े मंदिर, हर ओर गूंज रहा जय श्री राम
उन्होंने बिहार में मंत्रिमंडल गठन में हो रही देरी की भी आलोचना की और सरकार की स्थिरता और विकास पर इसके प्रभाव पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर 7 महीनों में सरकार नहीं बनी, तो क्या बिहार को फायदा होगा? मंत्रिमंडल अभी तक नहीं बना है और इन 6 महीनों में हमने दो मुख्यमंत्री देख लिए हैं। स्थिरता के बिना विकास नहीं हो सकता। पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य सहित वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को घोषणा की कि विधायक दल की बैठक 8 मई को शाम 4 बजे होगी, जिसमें विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। इसके बाद 9 मई को सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा।
इसे भी पढ़ें: एक प्रसाद पर सियासी बवाल! Akhilesh Yadav को भंडारा खिलाने पर कर्मचारी का हुआ Demotion?
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पार्टी की महत्वपूर्ण जीत के बाद चल रही चुनावी गतिविधियों के तहत अमित शाह के गुरुवार शाम को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की भी उम्मीद है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 206 सीटें जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जो 2021 के चुनावों में उसकी 77 सीटों की जीत से कहीं अधिक है। तृणमूल कांग्रेस, जिसने पहले 212 सीटें जीती थीं, इस चुनाव में 80 सीटें ही हासिल कर पाई।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.