तमिलनाडु विधासभा चुनाव में वासुदेवनल्लूर सीट पर भाजपा उम्मीदवार अनंतन अय्यासामी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें डीएमके के ई.राजा से करीब 6500 वोटों से हराया है। यह सीट एससी कैंडिडेट के लिए रिजर्व थी। अनंतन राजनीति में आने से पहले अमेरिका में काम करते थे। उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपना सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस भी छोड़ दिया था। उनका कहना है कि जनसेवा का सपना 4 साल पहले उन्हें वापस भारत ले आया था। अय्यासामी ने चुनाव हारने पर कहा- चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार सालों में गांवों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपए और अपना पूरा समय लगाया। उनका सपना करीब 1 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का था। चुनाव हार पर एक्स पोस्ट में लिखा- जीवन में पहली बार मेरे पास बेटी के सवालों का जवाब नहीं… अय्यासामी ने एक्स पोस्ट में लिखा… चार साल पहले मैंने अमेरिका में अपनी 12 साल की बेटी से कहा था कि मैं सफल टेक्नोलॉजी करियर और रियल एस्टेट बिजनेस छोड़कर भारत लौट रहा हूं, क्योंकि मुझे जनसेवा और राजनीति में काम करना है। पिछले चार वर्षों में हमने गांवों में बस स्टॉप बनवाए, तालाब का जीर्णोद्धार कराया, छात्रों की पढ़ाई में मदद की, मेडिकल कैंप और करियर वर्कशॉप आयोजित करावाई गई। इसमें सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि परिवार के अनमोल पल और अपनी बेटी को दूर से बड़ा होते देखने का दर्द भी शामिल था। फिर चुनाव आए। उसी गांव ने ऐसे उम्मीदवार को चुना, जो 5 वर्षों के दौरान मुश्किल से वहां दिखाई दिया। आखिरकार, चुनाव के एक हफ्ते के पैसों ने चार साल की सच्ची सेवा को हरा दिया। कल मेरी बेटी ने वीडियो कॉल पर पूछा -‘अप्पा… क्या अब आप मुझे बता सकते हैं कि राजनीति वास्तव में क्या होती है?’ जीवन में पहली बार, मेरे पास उसके सवाल का कोई जवाब नहीं था। इंटेल में काम किया, तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष रहे तमिलनाडु में तेनकासी जिले के रहने वाले अय्यासामी पहले इंटेल में इंजीनियर थे। बाद में वे भाजपा से जुड़े और तेनकासी जिला भाजपा अध्यक्ष बनाए गए। विधानसभा चुनाव पर हार मिलने पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अय्यासामी का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा- ‘निष्काम भाव से कार्य करते रहो। तुम्हारा दिन जरूर आएगा। हिम्मत मत हारो।’ एक ने लिखा- राजनीति एक कड़वी सच्चाई है, आप सब कुछ सही करने के बावजूद जीत नहीं सकते। तमिलनाडु में 2 साल पुरानी TVK ने 50+ साल पुरानी DMK-AIADMK को हराया एक्टर विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK को 108 सीट पर जीत मिली है। ये DMK (59) और AIDMK (47) की कुल सीटों से ज्यादा हैं। विजय की पार्टी TVK ने हर इलाके में सीटें जीतीं। सबसे अधिक दबदबा उत्तर और तटीय इलाकों में रहा। मध्य तमिलनाडु में भी उसे खूब सीटें मिलीं। DMK ने ज्यादातर सीटें दक्षिणी इलाकों में जीतीं। AIADMK को अधिकतर सीटें उत्तर-मध्य क्षेत्र में मिलीं। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर 46% के साथ सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट हासिल किया। DMK ने 164 में 59 सीटें जीतकर 36% और AIADMK ने 170 में 47 सीटों के साथ 27.6% स्ट्राइक रेट दर्ज किया। कांग्रेस 28 में 5 सीटें जीतकर 17.8% पर रही। BJP का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। पार्टी 27 सीटों पर लड़कर सिर्फ 1 सीट जीत सकी और उसका स्ट्राइक रेट मात्र 3.4% रहा। ……………………. यह खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय की पार्टी 108 सीटें जीतीं: असम में तीसरी बार भाजपा; केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी, पुडुचेरी में NDA सरकार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतीं। हालांकि पार्टी बहुमत के आकंड़े 118 सीट से पीछे है। राज्य में गठबंधन की सरकार बनना तय है। असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हो गई है। हिमंता लगातार तीसरी बार सरकार बनाएंगे। BJP ने यहां 82 सीटें जीत ली हैं। जो बहुमत के आंकड़े से 13 ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें…
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