Swine Flu: स्वाइन फ्लू को लोग आमतौर पर हल्के में ले लेते हैं। क्योंकि इसके लक्षण भी बड़े सामान्य से होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये संक्रमण कुछ मामलों में गंभीर भी हो सकता है? ऐसे लक्षण दिखने पर बेहतर है कि तुरंत डॉक्टर की सलाह ली जाए।
स्वाइन फ्लू में दिखें ये लक्षण तो तुरंत अस्पताल जाएं
आमतौर पर लोग स्वाइन फ्लू को हल्के में लेने लगते हैं, क्योंकि इसके लक्षण भी बेहद साधारण से होते हैं। लेकिन यहां ये समझने की जरूरत है कि भले ही ज्यादातर लोगों में ये संक्रमण आसानी से ठीक हो जाता हो, लेकिन कुछ मामलों में ये गंभीर भी हो सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग, फेफड़े और सांस की बीमारी के मरीज, प्रेगनेंट महिलाओं को ले कर थोड़ा ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। ऐसे में अगर स्वाइन फ्लू हो जाए, तो इन लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज ना करें।
अचानक से ज्यादा कमजोरी महसूस होना
बीमारी में कमजोरी महसूस करना आम बात है, लेकिन अगर कमजोरी कुछ ज्यादा ही हो रही है तो इसे नजरंदाज करना भी भारी पड़ सकता है। अगर फ्लू होने के बाद मरीज को जरा सा भी चलने-फिरने, उठने-बैठने में तकलीफ हो रही हो और लगातार सिर घूम रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
सांस लेने के तकलीफ होना
अगर सामान्य गतिविधि करते समय भी मरीज की सांस काफी ज्यादा फूलने लगे, सांस लेने में तकलीफ हो या ऐसा महसूस हो कि पर्याप्त हवा नहीं मिल रही है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। दरअसल गंभीर मामलों में फ्लू फेफड़ों पर भी असर कर सकता है, जो निमोनिया का कारण बन सकता है।
सीने में दर्द या दबाव महसूस होना
स्वाइन फ्लू के दौरान अगर सीने में दर्द उठ रहा हो या तेज दबाव महसूस हो रहा हो, तो इसे नॉर्मल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। खासकर अगर इसके साथ सांस लेने में भी तकलीफ महसूस हो रही हो, तो नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
चेहरा या होंठो का रंग बदलना
शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन ना मिलने की वजह से कई बार चेहरे या होंठों का रंग बदलने लगता है। ऐसे में अगर किसी भी मरीज के होंठ या चेहरा नीला पड़ने लगे तो डॉक्टर की इमरजेंसी जांच जरूरी हो जाती है।
हालत में सुधार होने के बाद फिर से बिगाड़ना
कई बार फ्लू के लक्षण कुछ दिनों में ही नॉर्मल होने लगते हैं, लेकिन उसके बाद अचानक से बुखार, खांसी या सांस की परेशानी बढ़ जाए तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ये किसी जटिलता या दूसरे संक्रमण की तरफ इशारा हो सकता है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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