सुप्रीम कोर्ट ने अपनी वेबसाइट की नकल कर बनाई गई एक फर्जी वेबसाइट को लेकर लोगों को सावधान किया है। कोर्ट की ओर से 13 अगस्त को जारी पब्लिक नोटिस में कहा गया है कि sp-court-in.com नाम की वेबसाइट सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखाई जा रही है। इसका इस्तेमाल लोगों से निजी और बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनका पासवर्ड, निजी विवरण और बैंक संबंधी जानकारी मांग सकते हैं। ऐसी जानकारी साझा करने से आर्थिक धोखाधड़ी के साथ-साथ व्यक्तिगत डेटा चोरी होने का खतरा है।
आधिकारिक वेबसाइट का डोमेन जरूर जांचें
कोर्ट ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ईमेल, मैसेज या वेबसाइट पर भरोसा करने से पहले उसके वेब एड्रेस की अच्छी तरह जांच करें। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट का डोमेन sci.gov.in है। कोर्ट की वास्तविक वेबसाइट पर केस स्टेटस, कॉज लिस्ट, आदेश और अन्य न्यायिक सेवाएं उपलब्ध हैं।
कोर्ट ने सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह आधिकारिक वेबसाइट पर ले जा रहा है या नहीं। खासतौर पर ऐसे लिंक से सावधान रहने की जरूरत है जो सुप्रीम कोर्ट के नाम, लोगो या वेबसाइट के डिजाइन की नकल करते हों।
पहले भी जारी हो चुकी है चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि फर्जी वेबसाइटों को लेकर पहले भी लोगों को चेतावनी दी जा चुकी है। इसके तहत 16 जुलाई 2025 और 28 अप्रैल 2026 को भी सार्वजनिक नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद अब एक और फर्जी डोमेन सामने आया है।
ठगी हो जाए तो तुरंत उठाएं ये कदम
कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि वह ऐसी फर्जी वेबसाइट या लिंक के जरिए ठगी का शिकार हो गया है, तो उसे तुरंत अपने ऑनलाइन खातों के पासवर्ड बदलने चाहिए। साथ ही संबंधित बैंक को सूचना देकर किसी भी संदिग्ध या अनधिकृत लेनदेन की शिकायत करनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वेबसाइट पर निजी, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जरूर जांचें। आधिकारिक जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के रूप में केवल sci.gov.in डोमेन पर भरोसा करें।
ये भी पढ़ें-
function loadFacebookScript(){
!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);
}
window.addEventListener(‘load’, (event) => {
setTimeout(function(){
loadFacebookScript();
}, 7000);
});
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.