सुंदर पिचाई का जन्म 1972 में हुआ था और उनका बचपन चेन्नई में ही बीता। उनकी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के अशोक नगर स्थित जवाहर विद्यालय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई, जहां उन्होंने कक्षा 10वीं तक पढ़ाई की।
सुंदर पिचाई की स्कूलिंग
सुंदर पिचाई का जन्म 1972 में हुआ था और उनका बचपन चेन्नई में ही बीता। उनकी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के अशोक नगर स्थित जवाहर विद्यालय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई, जहां उन्होंने कक्षा 10वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए IIT मद्रास कैंपस में स्थित वाना वाणी मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लिया और वहीं से हायर सेकेंडरी की शिक्षा पूरी की।
बीटेक की डिग्री पूरी की
स्कूल के दिनों में उन्हें शांत स्वभाव, पढ़ाई में गंभीर वाला छात्र माना जाता था। गणित और विज्ञान में उनकी खास रुचि बचपन से ही थी। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद सुंदर पिचाई ने IIT खड़गपुर में दाखिला लिया। यहां उन्होंने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और 1993 में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech) की डिग्री हासिल की। यानी उन्होंने IIT में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई नहीं की थी। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि IIT खड़गपुर में उन्हें इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल भी मिला।
IIT में कंप्यूटर साइंस नहीं, मेटलर्जी पढ़ी
जैसा कि पहले ही बताया कि सुंदर पिचाई की पढ़ाई से जुड़ी एक खास बात यह है कि उन्होंने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई नहीं की थी, जबकि आज उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google के प्रमुख के तौर पर जाना जाता है। क्योंकि आईआईटी में उन्होंने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बावजूद उनका करियर धीरे-धीरे टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की ओर बढ़ता गया।
Stanford ने टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ाया एक कदम
IIT खड़गपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद सुंदर पिचाई अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। यहां उन्होंने मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस (M.S.) की डिग्री हासिल की, जिसे उन्होंने 1995 में पूरा किया। यह उनके एजुकेशनल जर्नी का एक अहम पड़ाव था। IIT खड़गपुर ने उन्हें इंजीनियरिंग की मजबूत नींव दी, जबकि Stanford में उन्हें रिसर्च और आधुनिक टेक्नोलॉजी के व्यापक माहौल को समझने का मौका मिला। यही शैक्षणिक अनुभव आगे चलकर उनके टेक्नोलॉजी करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ।
सुंदर पिचाई का करियर सफर
सुंदर पिचाई ने 2004 में गूगल जॉइन किया। कंपनी में उन्होंने गूगल टूलबार और क्रोम जैसे प्रोडक्ट्स पर काम किया। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें कंपनी में बड़ी जिम्मेदारियां मिलती गईं और वे प्रोडक्ट व लीडरशिप से जुड़े अहम पदों पर पहुंचे। अक्टूबर 2015 में गूगल ने उन्हें कंपनी का CEO नियुक्त किया। इसके करीब चार साल बाद, दिसंबर 2019 में वे अल्फाबेट के CEO भी बन गए। अल्फाबेट, गूगल की पैरेंट कंपनी है।
एक सब्जेक्ट पर नहीं दिया ध्यान
सुंदर पिचाई की पढ़ाई का सफर इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने सिर्फ एक ही सब्जेक्ट पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने भारत से लेकर अमेरिका तक अलग-अलग संस्थानों में पढ़ाई की। IIT खड़गपुर से उन्होंने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग, स्टैनफोर्ट से मटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग और Wharton से MBA किया। खास बात यह है कि इनकी पढ़ाई सीधे कंप्यूटर साइंस से जुड़ी नहीं थी, फिर भी उन्होंने टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई और Google के CEO बने।
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