Success Story: किसान पप्पू यादव ने लोकल 18 से कहा है कि मै नें यूट्यूब से मछली पालन का तरीका सिखा. पहले पहले 5 कट्ठा जमीन के पोखर में मछली पालन किया. उसमें लाभ हुआ तो आप मेरे पास डेढ़-डेढ़ एकड़ के तीन पोखर है. जिसमें मिक्स मछली का पालन करता हूं.
छपरा के पप्पू यादव खास आइडिया से मछली पालन करते हैं. साल में 2 से 3 बार मछली बेचकर तगड़ा कमाई करते हैं. इनसे सैकड़ो छोटे-छोटे व्यापारी जुड़कर कमाई भी कर रहे हैं. कई बेरोजगार युवाओं को मछली बेचने का काम में लगाकर रोजगार देने का काम इन्होंने किया है.
जान ले क्या है खास मछली पालन करने की आईडिया
जल्द मछली तैयार करने का इनका अनुभव काफी अलग है.पहले डेम में मछली का जीरा छोड़ते हैं. यहां से 20 से 25 दिन में ग्रोथ कर जाने के बाद मछली के बच्चा को पोखर में छोड़ा जाता है. जहां चार से पांच महीने में डेढ़ किलो से लेकर ढाई किलो वजन हो जाता है. इस आईडिया से मिस मिक्स मछली का पालन करते हैं. जिसमें सभी किसान के मछली होती है. कई प्रदेश में घूम कर बेहतर तरीके से मछली पालन करने का इन्होंने आइडिया लिया है.
युटुब देखने के दौरान मिला मछली पालन करने का आईडिया
यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद इन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा.यहीं से बिजनेस करने की जुनून जागी.1 दिन पप्पू यादव मोबाइल में वीडियो देख रहे थे. इसी दौरान मछली पालन करने का वीडियो एक नजर आ गया. वीडियो देखने के बाद पप्पू यादव काफी प्रभावित हुए, उसके बाद दोनों भाई उत्तर प्रदेश बंगाल जाकर मछली पलकों से मिलकर मछली पालन करने का आईडिया लिया. पहले 5 कट्ठा जमीन के पोखर में मछली पालन शुरू किए थे. अब इनके पास डेढ़-डेढ़ एकड़ के तीन पोखर है. जिसमें से साल में दो से तीन बार मछली निकाल कर बेजते हैं. जिससे तगड़ा कमाई होता है. सीजन के मुताबिक मछली का पालन करते हैं. जिससे खर्च भी कम होता है और कमाई ज्यादा होता है.
मछली पालन से लाखों की कमाई
पप्पू यादव ने लोकल18 से बताया कि 1 दिन मोबाइल खोलकर यूट्यूब में वीडियो देख रहे थे. इसी दौरान मछली का वीडियो आ गया. जिसमें मछली पालन करने का आईडिया बताया जा रहा था. जिसको देखकर मैं काफी ज्यादा प्रभावित हुआ, उसके बाद उत्तर प्रदेश और बंगाल जाकर मछली पालन करने का आईडिया सीखा, पहले 5 कट्ठा जमीन के पोखर में मछली पालन किया. उसमें लाभ हुआ तो आप मेरे पास डेढ़-डेढ़ एकड़ के तीन पोखर है. जिसमें मिक्स मछली का पालन करता हूं. सबसे पहले जीरा लाकर डैम में छोड़ता हूं. ग्रोथ करने के बाद पोखर में डालता हूं. जहां चार से पांच महीने में ढाई से 3 किलो वजन हो जाता है. ऐसे साल में दो से तीन बार मछली निकल कर बेच देता हूं. बताया कि मेरा मछली पालन करने का आईडिया किसानों को खूब पसंद आ रहा है. एक दर्जन से अधिक किसान इस क्षेत्र में पोखर खुदवा कर मछली पालन करके तगड़ा कमाई कर रहे हैं. इस आईडिया से मछली पालन किया जाए तो कम समय में मछली पालन करके अच्छा कमाई किया जा सकता है.
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