पेपर लीक के आरोपों के बीच NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्र तख्तियां लिए और नारे लगाते नजर आए। एक तख्ती पर लिखा था, डॉक्टर की डिग्री बिक रही है। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा किए गए दृश्यों में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए भी दिखाई दे रहे हैं कि अगर वे तितर-बितर नहीं हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पहले 3 मई को आयोजित हुई नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की थी और कहा था कि परीक्षा की तिथियां अलग से घोषित की जाएंगी।
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एनटीए ने आगे कहा कि परीक्षा से जुड़े आरोपों की व्यापक जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जाएगी। एनटीए ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बरकरार रखने के हित में लिया गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से प्राप्त जानकारी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए जांच निष्कर्षों के आधार पर भारत सरकार की मंजूरी से 3 मई 2026 को आयोजित एनईटी (यूजी) 2026 परीक्षा को रद्द करने और परीक्षा को अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया है। पुनः आयोजित परीक्षा की तिथियों के साथ-साथ पुनः जारी किए गए प्रवेश पत्र की समय-सारणी की जानकारी आगामी दिनों में एजेंसी के आधिकारिक माध्यमों से दी जाएगी। एजेंसी ने आगे कहा कि वह ब्यूरो को अपना पूरा सहयोग देगी और जांच के लिए आवश्यक सभी सामग्री, रिकॉर्ड और सहायता प्रदान करेगी।
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NEET UG 2026 क्यों रद्द किया गया?
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार, कानून प्रवर्तन एजेंसियों से प्राप्त जानकारी की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। इन जानकारियों से संकेत मिला कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है। अपने आधिकारिक बयान में एनटीए ने कहा कि सभी सबूतों पर विचार करने के बाद परीक्षा को जारी रखना संभव नहीं था। उसने आगे कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था।
सीबीआई द्वारा ‘अनुमानित प्रश्नपत्र’ लीक की जांच, 45 गिरफ्तार
भारत सरकार ने इस मामले को व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीबीआई) को सौंप दिया है। एजेंसी इस बात की जांच करेगी कि परीक्षा से पहले कथित ‘अनुमानित प्रश्नपत्र’ कैसे प्रसारित हुआ और क्या इसमें संगठित रूप से कोई गड़बड़ी हुई थी। राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (एनटीए) ने कहा है कि वह जांच के लिए आवश्यक सभी रिकॉर्ड, डेटा और सामग्री साझा करके पूर्ण सहयोग करेगा।
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