अगर आप भी चांदी के गहने या दूसरी चीजें खरीदते हैं, तो आपने उन पर 999, 925, 900 जैसे नंबर जरूर देखे होंगे. लेकिन क्या आपको पता है कि इन अंकों का असल मतलब क्या है? आमतौर पर चांदी पर लिखे ये नंबर उसकी शुद्धता के बारे में बताते हैं. यानी इससे यह पता चलता है कि उस वस्तु में कितनी मात्रा में असली चांदी मौजूद है.
हालांकि, चांदी खरीदते समय इन नंबरों को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग ग्रेड में आपको अपने गहने की असली शुद्धता का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा हॉलमार्क वाली चांदी खरीदने पर भी उसकी शुद्धता की जांच और पहचान करना आसान हो जाता है.
चांदी पर हॉलमार्किंग क्या होती है?
हॉलमार्किंग एक तरह की क्वालिटी और शुद्धता की पुष्टि है. इसके जरिए आपको यह पता चलता है कि खरीदी जा रही चांदी तय मानकों पर खरी उतरी है. भारत में चांदी और सोने के गहनों के लिए हॉलमार्किंग योजना लागू है और इसमें भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की भूमिका अहम है.
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चांदी पर लिखे 999, 925 और 900 का क्या मतलब है?
चांदी पर लिखे 999, 925 और 900 नंबरों को समझना काफी आसान है. आसान शब्दों में समझें तो नंबर जितना ज्यादा होगा, चांदी में शुद्ध सिल्वर की मात्रा उतनी ही ज्यादा होगी.
- 999 सिल्वर: 999 का मतलब है कि वस्तु में करीब 99.9% तक शुद्ध चांदी मौजूद है. हालांकि, यह काफी मुलायम होती है.
- 925 सिल्वर: 925 ग्रेड में करीब 92.5% शुद्ध चांदी होती है. इसे आमतौर पर स्टर्लिंग सिल्वर कहा जाता है और इसका इस्तेमाल गहनों में इसका काफी इस्तेमाल होता है.
- 900 सिल्वर: इसमें करीब 90% शुद्ध चांदी होती है. इसे कई जगहों पर कॉइन सिल्वर के नाम से भी जाना जाता है. 900 सिल्वर का इस्तेमाल कुछ पुराने सिक्कों और वस्तुओं में किया जाता रहा है.
चांदी की शुद्धता के दूसरे ग्रेड भी जानिए
चांदी में सिर्फ 999, 925 और 900 ही नहीं, बल्कि कई दूसरे शुद्धता ग्रेड भी होते हैं.
- 990: करीब 99% शुद्धता
- 970: करीब 97% शुद्धता
- 958: करीब 95.8% शुद्धता
- 925: करीब 92.5% शुद्धता
- 900: करीब 90% शुद्धता
- 835: करीब 83.5% शुद्धता
- 800: करीब 80% शुद्धता
कैसे पहचानें हॉलमार्क वाली चांदी?
- BIS का मानक चिह्न
- ‘Silver’ शब्द
- चांदी की शुद्धता का ग्रेड, जैसे 999 या 925
- छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID नंबर
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