(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 18 सितंबर सिंगापुर इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसआईसीसीआई) के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रदीप मेनन ने कहा कि संगठन अपनी रणनीतिक रूपरेखा के तहत भारत सरकार, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के साथ अपने जुड़ाव को मजबूत करने की योजना बना रहा है। मेनन ने कहा कि इसका उद्देश्य भारत की तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना और सीमा पार व्यापार को बढ़ावा देना है। शुक्रवार को प्रकाशित साप्ताहिक ‘टीएबीएलए’ के अनुसार, मेनन ने कहा कि अगले तीन से छह महीनों में उद्योग निकाय भारत सरकार के नेताओं, नीति-निर्माताओं तथा उद्योग जगत के लोगों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की योजना बना रहा है।
वह प्रमुख भारतीय राज्यों में लक्षित व्यापार प्रतिनिधिमंडल भी भेज रहा है। इसकी शुरुआत तमिलनाडु से होगी, ताकि सिंगापुर स्थित कंपनियों के लिए कारोबारी अवसर खोले जा सकें। खबर में मेनन के हवाले से कहा गया कि भारतीय कंपनियां कारोबार की उत्पादकता को किफायती तरीके से बढ़ाने वाली ‘‘समृद्ध जानकारी एवं विशेषज्ञता’’ के लिए सिंगापुर का रुख करती हैं, जबकि सिंगापुर की कंपनियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार और प्रतिभाओं के बड़े समूह तक पहुंच मिलती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक तरह का पारस्परिक लाभ वाला संबंध है। भारत को हमसे फायदा होता है और हम भी भारत में जाना चाहते हैं। बाजार बहुत बड़ा है।
हम इस वृद्धि का हिस्सा बनना चाहते हैं। हम भी इसमें अपना हिस्सा चाहते हैं।’’
भारत, सिंगापुर के लिए मानव संसाधन और प्रतिभा का भी एक प्रमुख स्रोत है। मेनन ने कहा, ‘‘आज कारोबार के सामने सबसे बड़ी समस्याओं में से एक मानव संसाधन और प्रतिभा की कमी है।’’
भारतीय समुदाय और कारोबार पर केंद्रित इस साप्ताहिक की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘‘सिंगापुर कभी भी अपनी प्रतिभा की कमी को केवल घरेलू स्तर पर दूर नहीं कर पाएगा।
हमें अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं पर निर्भर रहना होगा और भारत उन बाजारों में से एक है जो यह प्रतिभा उपलब्ध कराता रहेगा।’’
एसआईसीसीआई का लक्ष्य क्षेत्रीय पूंजी के लिए भरोसेमंद और नियम आधारित केंद्र के रूप में सिंगापुर की भूमिका को भी मजबूत करना है। इसमें भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में पारदर्शी तरीके से निवेश करने के इच्छुक दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के निवेशक भी शामिल हैं। आसियान के सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते, फिलीपींस और वियतनाम शामिल हैं।
मेनन ने पिछले महीने एसआईसीसीआई के सीईओ का पद संभाला। इससे पहले वह 2003 से 2010 तक उद्योग निकाय के सीईओ रह चुके हैं।
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