आक्रामक सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के शानदार नाबाद शतक की मदद से भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ चार विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। शेफाली ने 49 गेंद में नाबाद 100 रन की पारी के दौरान नौ छक्के और तीन चौके लगाए। अपना 118वां मैच खेल रही शेफाली का यह सबसे छोटे प्रारूप में पहला शतक है। शेफाली टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक जड़ने वाली सिर्फ तीसरी भारतीय महिला बल्लेबाज हैं। दाएं हाथ की इस आक्रामक सलामी बल्लेबाज को दूसरे छोर पर अनुभवी स्मृति मंधाना (37) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (40) का अच्छा साथ मिला।
दोनों भारतीय सलामी बल्लेबाजों शेफाली और स्मृति ने शुरूआत से ही आक्रामक रुख अपनाते हुए पहले विकेट के लिए 72 रन जोड़े। शेफाली और स्मृति ने बांग्लादेशी गेंदबाजों पर लगातार प्रहार किए और रन गति बनाए रखी। बांग्लादेशी गेंदबाजों के पास उनके आक्रामक तेवर का कोई जवाब नहीं था। हालांकि पावरप्ले की अंतिम गेंद पर यह साझेदारी टूट गई। नाहिदा अख्तर की गेंद पर स्मृति ने स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में शोभना मोस्तरी को कैच थमा दिया। तीसरे नंबर पर उतरीं गुनालन कमालिनी बल्लेबाजी की अनुकूल पिच पर 10 गेंद में सिर्फ तीन रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।
दूसरे छोर पर शेफाली ने आक्रामक रुख जारी रखा। उन्होंने नौ छक्के और तीन चौके लगाकर सहजता से गेंद को सीमा रेखा के पार भेजा लेकिन शतक पूरा करने के लिए उन्हें भारत की पारी के अंतिम ओवर तक इंतजार करना पड़ा। कप्तान हरमनप्रीत ने बीच के ओवरों में शेफाली का अच्छा साथ देते हुए 33 गेंद में 40 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 55 गेंद में 94 रन की साझेदारी की।
भारत 200 से अधिक रन बनाने की स्थिति में दिख रहा था लेकिन पारी के अंतिम चरण में विकेट गिरने से उसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। 18वें ओवर में हरमनप्रीत को बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना ने राबिया खान की गेंद पर स्टंप किया जिसके बाद ऋचा घोष भी दो रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गईं।
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