श्रीलंका सीरीज से जसप्रीत बुमराह के बाहर होने पर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई)’ की खेल विज्ञान एवं चिकित्सा टीम से नाराज हैं। सीओई के अधिकारियों और भारतीय पुरुष सीनियर चयन समिति के बीच तालमेल की कमी देखी गई है। खिलाड़ियों के चोट प्रबंधन के तरीकों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हर्षित राणा के मामले में भी उठ रहे सवाल
हर्षित राणा के मामले में भी यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब उनका वजन अधिक दिख रहा था तब भी खेल विज्ञान टीम ने उन्हें फिट कैसे घोषित किया। इसके बाद उनकी हैमस्ट्रिंग चोट दोबारा उभर आई। इसी तरह दक्षिण भारत के एक टी-20 विशेषज्ञ बल्लेबाज के इंग्लैंड पहुंचने पर अधिक वजन होने की खबरें थीं। वाशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी के लगातार चोटिल होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। सुंदर जैसे युवा स्पिनर का बार बार मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से परेशान होना चिंता का विषय है तो वहीं इस बात पर सवाल उठ रहे कि क्या रेड्डी को गेंदबाजी गति बढ़ाने के लिए स्वतंत्र तेज गेंदबाजी कोच स्टीफन जोन्स के साथ अलग से प्रशिक्षण की अनुमति दी गई थी? क्या 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक 130 किमी प्रति घंटे के मध्य तक पहुंचने का प्रयास उनकी चोट का कारण बना?
बीसीसीआई के अधिकारी ने क्या बताया?
सीओई के कामकाज पर नजर रखने वाले बीसीसीआई के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर ‘पीटीआई’ से कहा, ” सबसे सुरक्षित विकल्प किसी खिलाड़ी को बाहर करना होता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सीओई की मौजूदा खेल विज्ञान टीम शीर्ष खिलाड़ियों को समय पर मैदान पर वापस लाने के लिए पर्याप्त प्रयास कर रही है।” उन्होंने कहा, ”चयनकर्ताओं को भरोसा दिलाया गया था कि बुमराह कम से कम एक टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। अब उन्हें बताया गया है कि पैर की चोट से उबर रहे साई सुदर्शन नेट्स में 75 मिनट बल्लेबाजी कर रहे हैं और चोट से अच्छी वापसी के संकेत दे रहे हैं। लेकिन अगर बाद में यह बताया जाता है कि साई श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट तक फिट नहीं हो पाएंगे तो चयन प्रक्रिया प्रभावित होगी।”
फिजियो की भूमिका भी समीक्षा के दायरे में
भारतीय टीम के फिजियो कामलेश जैन की भूमिका भी अब समीक्षा के दायरे में बताई जा रही है। वह करीब पांच वर्षों से भारतीय टीम के साथ हैं और खिलाड़ियों के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं। माना जा रहा है कि मुख्य कोच गौतम गंभीर और अगरकर इस बैठक का इंतजार कर रहे हैं।बैठक में लक्ष्मण और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया (समन्वयक के रूप में) भी शामिल होंगे।गंभीर के अगले तीन सप्ताह श्रीलंका में रहने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि समीक्षा बैठक आमने-सामने होगी या वर्चुअल माध्यम से होगी। यह सवाल भी उठ रहा है कि जुलाई में जब गंभीर और अगरकर दोनों भारत में उपलब्ध थे, तब यह बैठक क्यों नहीं की गई।
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