मुंबई, सात अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 13.73 प्रतिशत बढ़कर 24,113 करोड़ रुपये रहा। बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में 21,201.47 करोड़ रुपये और पिछली मार्च तिमाही में 19,642.87 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। शेयर बाजार को दी सूचना के अनुसार, एकल आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 10.23 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में 19,160.44 करोड़ रुपये था।
समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय 18.63 प्रतिशत की ऋण वृद्धि के बल पर लगभग 15 प्रतिशत बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, घरेलू शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) घटकर तीन प्रतिशत रह गया। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन 0.07 प्रतिशत बढ़ा।
इस दौरान बैंक की जमा वृद्धि 9.73 प्रतिशत रही, जबकि कम लागत वाली चालू और बचत जमा (कासा) का हिस्सा घटकर 39.36 प्रतिशत रह गया, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 0.12 प्रतिशत कम है। बैंक ने बताया कि जून तिमाही में फंसे कर्ज (एनपीए) के लिए प्रावधान घटकर 3,359 करोड़ रुपये रह गया, जो 2025-26 की समान तिमाही में 4,934 करोड़ रुपये था। हालांकि, पिछली तिमाही के 3,140 करोड़ रुपये के मुकाबले यह अधिक रहा।
बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात 30 जून, 2026 को सुधरकर 1.47 प्रतिशत रह गया, जो मार्च, 2026 के अंत में 1.49 प्रतिशत और एक वर्ष पहले 1.83 प्रतिशत था। एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने संवाददाताओं से कहा कि बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में ऋण वृद्धि को 14-15 प्रतिशत तक ले जाने का है। इसके लिए 10-11 प्रतिशत जमा वृद्धि पर्याप्त रहेगी।
उन्होंने कहा कि विशेष विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) (एफसीएनआर-बी) योजना के तहत बैंक अब तक छह अरब अमेरिकी डॉलर जुटा चुका है और सितंबर में योजना समाप्त होने तक यह राशि 10 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
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