नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने पद संभालते ही बड़ा फैसला लिया है। सितंबर 2025 के प्रदर्शन में मारे गए 27 छात्रों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने का ऐलान लागू कर दिया गया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही यह निर्णय लिया गया। इसके तुरंत बाद ऊर्जा मंत्रालय के तहत नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी। अथॉरिटी ने नोटिस जारी कर मृत छात्रों और उनके परिवार के चयनित सदस्यों की सूची भी जारी कर दी है। नोटिस के अनुसार, हर मृत छात्र के परिवार से एक सदस्य को उनके ही जिले में नौकरी दी जाएगी। नियुक्ति योग्यता और स्किल के आधार पर होगी। परिवारों को 35 दिनों के भीतर अपने संबंधों का सत्यापन कर नियुक्ति पत्र लेना होगा। 8 सितंबर 2025 को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 19 छात्रों की मौके पर मौत हुई थी, जबकि 8 अन्य ने अगले दिन अस्पताल में दम तोड़ा। यह आंदोलन शुरुआत में सोशल मीडिया बैन के विरोध में शुरू हुआ था, लेकिन बाद में भ्रष्टाचार और आर्थिक संकट के खिलाफ व्यापक विरोध में बदल गया। प्रदर्शन के दौरान देशभर में हिंसा फैल गई, जिसमें कुल 77 लोगों की जान गई। संसद और कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद केपी शर्मा ओली सरकार गिर गई और नए चुनाव हुए, जिनमें बालेंद्र शाह सत्ता में आए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… रूस के दागिस्तान में बाढ़ के बाद इमरजेंसी घोषित, 3.27 लाख लोग प्रभावित रूस के दागिस्तान प्रांत की राजधानी मखाचकाला में भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। बाढ़ और बिजली कटौती के बाद प्रशासन ने शनिवार को इमरजेंसी घोषित कर दी। प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव की टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं और लोगों की मदद के लिए लगातार काम कर रही हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, करीब 3.27 लाख लोग अभी भी बिजली के बिना हैं, जिनमें लगभग 89 हजार बच्चे भी शामिल हैं। यह लोग 283 अलग-अलग इलाकों में रहते हैं। दागिस्तान के प्रमुख सर्गेई मेलिकोव ने कहा कि हालात उम्मीद से ज्यादा खराब हो गए हैं। भारी बारिश की वजह से शहर में एक रेलवे पुल का हिस्सा टूट गया है, जिससे ट्रेन सेवा भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश रविवार तक जारी रह सकती है, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है। अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ 80 लाख लोगों का मार्च:3,300 जगह प्रदर्शन, ईरान वॉर और महंगाई को लेकर पद से हटाने की मांग अमेरिका में शनिवार को राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ हुए ‘नो किंग्स रैली’ में 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरे अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 3,300 से ज्यादा जगहों पर ये प्रदर्शन आयोजित किए गए। आयोजकों ने बताया कि अक्टूबर में हुए पिछले नो किंग्स प्रदर्शनों की तुलना में इस बार करीब 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए और लगभग 600 ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरी खबर पढ़ें…
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