सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार को किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आग और काले धुएं का बड़ा गुबार दिखा। सऊदी ने पुष्टि की है कि यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार सुबह राजधानी रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने मिसाइल को रास्ते में ही रोक दिया गया। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, कई उड़ानों में काफी देरी हुई और कुछ उड़ानें रद्द की गईं। आग और धमाकों की वजह अभी साफ नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल टैंक में आग लग गई थी। हालांकि, आग लगने और धमाकों की वजह स्पष्ट नहीं है। सोशल मीडिया पर रियाद एयरपोर्ट के कई वीडियो वायरल सऊदी और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी हूतियों ने कहा था वो कि लाल सागर में सऊदी के जहाजों और सऊदी का तेल ले जाने वाले जहाजों को वे अब भी टारगेट करेंगे। हूतियों की दलील है कि यमन पर सऊदी अरब की नाकेबंदी और सैन्य कार्रवाई के चलते उसके जहाजों को निशाना बनाना उनका अधिकार है। सऊदी अरब और हूती लड़ाकों के बीच यह जंग असल में ताकत, सुरक्षा और इलाके में अपने दबदबे की लड़ाई है। हूती यमन की सत्ता पर पूरा कब्जा चाहते हैं, जबकि सऊदी अरब अपने पड़ोस में किसी भी ऐसे हथियारबंद गुट को बर्दाश्त नहीं करना चाहता। सऊदी अरब और यमन की सीमा आपस में सटी हुई है। सऊदी हमेशा से चाहता रहा है कि उसके बॉर्डर पर शांति रहे। लेकिन हूतियों के पास भारी हथियार, मिसाइलें और लड़ाकू ड्रोन आ गए हैं। सऊदी सरकार को लगता है कि अगर उसके ठीक बगल में इतना आक्रामक गुट रहेगा, तो उसकी अपनी सुरक्षा कभी पक्की नहीं हो सकती। हूतियों से सऊदी को अकेले लड़ना पड़ सकता है पिछले हफ्ते हूतियों ने यमन के पश्चिमी हिस्से में लाल सागर के किनारे का बड़ा इलाका अपने कब्जे में ले लिया। सऊदी अरब को उम्मीद थी कि अमेरिका उसके साथ खड़ा होगा। लेकिन अमेरिका ने अब तक हूतियों के खिलाफ सऊदी के समर्थन में कोई सीधी सैन्य कार्रवाई नहीं की है। अमेरिका ने जरूर कहा है कि हूतियों की गतिविधियां बाब अल-मंदब स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा हैं। अमेरिका पहले से ईरान के साथ संघर्ष में उलझा हुआ है। ईरान हूतियों का समर्थन करता है। ऐसे में अगर अमेरिका यमन में सीधे उतरता है तो उस पर एक और सैन्य मोर्चे का दबाव बढ़ सकता है। यमन में 500 से ज्यादा सरकारी लड़ाके मारे गए यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ाई में पिछले चार हफ्तों में सरकार समर्थित 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं। सरकार के समर्थन में लड़ने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स ने यह दावा किया है। संगठन के मुताबिक, इसी दौरान होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके भी मारे गए। हूतियों ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच यमन सरकार ने लाल सागर के तट पर और सैनिक भेजने का फैसला किया है। सरकार के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते की हार को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी बल फिर से इलाके में लौटेंगे। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- ट्रम्प सरकार ने हूती विद्रोहियों से सीक्रेट डील की:अमेरिकी जहाजों पर हमला नहीं करेंगे हूती लड़ाके, बदले में सऊदी की मदद नहीं करेगा अमेरिका अमेरिका ने यमन के हूती विद्रोहियों के साथ सीक्रेट डील की है। एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक इस पडील के तहत हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया है कि वे लाल सागर में अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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