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- Reliance Top Loser: Market Cap Down ₹46,078 Cr; HDFC Bank, Airtel Also Dip
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मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 7 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.54 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू सबसे ज्यादा कम हुई है।
रिलायंस की मार्केट वैल्यू ₹46,078 करोड़ घटकर ₹17.87 लाख करोड़ पर आ गई है। वहीं HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू ₹33,333 करोड़ घटकर ₹11.46 लाख करोड़ रह गई है।
इसके अलावा एयरटेल, TCS, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और ICICI बैंक की मार्केट वैल्यू भी घटी है। वहीं बीते हफ्ते लार्सन एंड टुब्रो, SBI और LIC की मार्केट वैल्यू बढ़ी है।
देश की टॉप-10 कंपनियों में से 7 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ घटी
| कंपनी | हफ्ते भर में चेंज (₹ करोड़ में) | मौजूदा मार्केट कैप (₹ लाख करोड़ में) |
| रिलायंस | -46,078 | 17.87 |
| HDFC बैंक | -33,333 | 11.46 |
| एयरटेल | -25,408 | 11.14 |
| TCS | -22,920 | 8.15 |
| हिंदुस्तान यूनिलीवर | -13,169 | 5.04 |
| बजाज फाइनेंस | -7,253 | 5.63 |
| ICICI बैंक | -6,311 | 9.00 |
| लार्सन एंड टुब्रो | +20,608 | 5.60 |
| SBI | +13,753 | 8.89 |
| LIC | +6,040 | 5.20 |
सोर्स: BSE (25 मई – 29 मई, 2026)
बीते हफ्ते सेंसेक्स 639 अंक गिरा था
पिछले हफ्ते सेंसेक्स 639 (0.84%) अंक और निफ्टी 171 (0.72%) अंक गिरा था। वहीं बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार, 29 मई को सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 359 अंक गिरकर 23,547 के स्तर पर बंद हुआ था।

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है?
मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है।
इसे एक उदाहरण से समझें…
मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी।
कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं…
| बढ़ने का क्या मतलब | घटने का क्या मतलब |
| शेयर की कीमत में बढ़ोतरी | शेयर प्राइस में गिरावट |
| मजबूत वित्तीय प्रदर्शन | खराब नतीजे |
| पॉजिटीव न्यूज या इवेंट | नेगेटिव न्यूज या इवेंट |
| पॉजिटीव मार्केट सेंटिमेंट | इकोनॉमी या मार्केट में गिरावट |
| हाई प्राइस पर शेयर जारी करना | शेयर बायबैक या डीलिस्टिंग |
मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है।
निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं।
उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।
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