Ram Gopal Varma: फिल्म इंडस्ट्री और अंडरवर्ल्ड के रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में खुलासा किया कि 90 के दशक में बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड का गहरा असर था। उन्होंने बताया कि कैसे धमकियों, फंडिंग और कास्टिंग पर दबाव के जरिए गैंगस्टर्स इंडस्ट्री को कंट्रोल करने की कोशिश करते थे। आइए जानते हैं कि उन्होंने कौन- कौन से खुलासे किए हैं।
डर के जरिए दबदबा बनाने की रणनीति
राम गोपाल वर्मा के मुताबिक अंडरवर्ल्ड की हरकतें कभी भी अचानक नहीं होती थीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ की जाती थीं। दाउद इब्राहिम जैसे अपराधियों के नेटवर्क बड़े और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर डर का माहौल बनाते थे। उनका मकसद सिर्फ पैसे कमाना नहीं, बल्कि इंडस्ट्री पर अपना नियंत्रण स्थापित करना होता था। उन्होंने बताया कि जब अंडरवर्ल्ड अपनी ताकत दिखाना चाहता था, तो वह राकेश रोशन जैसे बड़े नामों को टारगेट करता था। इससे इंडस्ट्री में एक मैसेज जाता था कि कोई भी उनके प्रभाव से बाहर नहीं है।
जनवरी 2000 में राकेश रोशन पर हुआ जानलेवा हमला इसी दबाव का उदाहरण माना जाता है। यह हमला उनकी फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ की सफलता के बाद हुआ था। बताया जाता है कि गैंगस्टर्स ऋतिक रोशन की डेट्स पर नियंत्रण चाहते थे, लेकिन राकेश रोशन ने इनकार कर दिया। इसके बाद 21 जनवरी 2000 को उनके ऑफिस के बाहर गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसमें वह बाल-बाल बच गए।
गुलशन कुमार की हत्या के पीछे की कहानी
1997 में गुलशन कुमार की हत्या को भी राम गोपाल वर्मा ने अंडरवर्ल्ड के प्रभाव से जोड़ा। उनके मुताबिक इस घटना के पीछे ताकत की लड़ाई, विरोध और बढ़ती लोकप्रियता जैसे कई कारण थे। कहा जाता है कि अबु सालेम जैसे लोगों ने इसे अपनी साख बढ़ाने के मौके के रूप में देखा। गुलशन कुमार ने कथित तौर पर रंगदारी देने से इनकार किया था, जिसके बाद यह घटना हुई।
90 के दशक में बॉलीवुड-अंडरवर्ल्ड कनेक्शन
RGV ने यह भी बताया कि 1990 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री कई स्तरों पर अंडरवर्ल्ड से जुड़ी हुई थी। फिल्मों की फंडिंग से लेकर कास्टिंग तक, हर जगह दबाव और दखल देखा जाता था। उस दौर में कई प्रोजेक्ट्स को कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क से पैसा मिलता था, जिससे इंडस्ट्री पर उनका असर और बढ़ता गया।
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