अब क्रिकेट के रोमांचक मुकाबले देखने के लिए बिहार के क्रिकेट प्रेमियों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही राजगीर की धरती पर भी चौकों-छक्कों की बरसात होगी। पवेलियन तैयार हो गया है।
पवेलियन का निर्माण कार्य हुआ पूरा
स्टेडियम का सबसे बड़ा आकर्षण 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला भव्य मुख्य पवेलियन है, जिसका निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है। वहीं शेष तीन दर्शक स्टैंड तेजी से आकार ले रहे हैं। निर्माण एजेंसियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे तय समय सीमा के भीतर यह स्टेडियम क्रिकेट प्रेमियों के लिए तैयार हो सके। करीब 90 एकड़ में विकसित हो रहा यह अत्याधुनिक स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है। लगभग 633 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस स्टेडियम में आधुनिक फ्लडलाइट, हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड, कॉरपोरेट बॉक्स, वीआईपी गैलरी, मीडिया सेंटर, अत्याधुनिक ड्रेसिंग रूम, अभ्यास के लिए विशेष पिच तथा बेहतर ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुख्य विकेट के लिए विशेष लाल मिट्टी तथा अभ्यास पिचों के लिए काली मिट्टी का उपयोग किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल परिस्थितियां उपलब्ध कराई जा सकें।
राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम केवल एक खेल परिसर नहीं, बल्कि बिहार के खेल विकास की नई पहचान बनने जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद राज्य को पहली बार विश्वस्तरीय क्रिकेट अवसंरचना प्राप्त होगी। इससे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही बिहार के खिलाड़ियों को अपने राज्य में ही उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। खेल पर्यटन, स्थानीय रोजगार और खेल अर्थव्यवस्था को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद है। राजगीर में बना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शामिल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम है, जहां हॉकी, एथलेटिक्स, तैराकी, शूटिंग, कबड्डी, कुश्ती सहित अनेक खेलों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं। इसमें क्रिकेट स्टेडियम के जुड़ने के बाद राजगीर देश के प्रमुख बहुखेल केंद्रों में मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम केवल एक खेल परिसर नहीं बिहार के खेलों के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। दिसंबर से यहां गूंजने वाले चौकों-छक्कों की आवाज़ पूरे देश को यह संदेश देगी कि बिहार अब खेल प्रतिभाओं के साथ-साथ विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना के मामले में भी नई पहचान बना चुका है।बिहार के क्रिकेट प्रेमियों का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम राज्य के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मंच देगा और आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों का नया केंद्र बनेगा।
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