- राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर लगातार 5वें दिन 5% गिरे.
- सेबी ने राजस्व बढ़ाकर दिखाने, फंड डायवर्जन का आरोप लगाया.
- प्रमोटर पर ट्रेडिंग प्रतिबंध, कंपनी PLI योजना से बाहर.
Rajesh Exports Share: सोना और ज्वेलरी के कारोबार से जुड़ी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों का आज भी बुरा हाल है. आज 10 जून, बुधवार को शेयर बाजार में कारोबार के दौरान राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में आज लगातार 5वें सेशन में 5% का लोअर सर्किट लगा है.
बिकवाली के भारी दबाव के बीच शेयरों की कीमत अब टूटकर 84.66 रुपये के स्तर पर आ गई है. मार्केट रेगुलेटर सेबी के लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर लगातार नीचे गिरते जा रहे हैं. इसके चलते निवेशकों के अरबों रुपये डूब चुके हैं.
लगातार गिरते जा रहे शेयर
पिछले एक हफ्ते में राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में लगभग 22.6% की गिरावट आ चुकी है. एक महीने में यह 30% से ज्यादा, 6 महीने में 55% और बीते एक साल में लगभग 58% तक गिर चुका है.
शेयरों में गिरावट का यह सिलसिला तब और भी तेज हो गया, जब केंद्र सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय की तरफ से कंपनी को एडवांस केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज के लिए चल रही PLI स्कीम से बाहर निकाल दिए जाने की खबरें सामने आने लगीं. चूंकि ACC बैटरी का कारोबार कंपनी के महत्वपूर्ण भविष्य परियोजनाओं में शामिल है इसलिए अगर कंपनी को योजना के लिए अयोग्य माने जाने पर फैसला ले लिया जाता है, तो यह इसके लिए किसी झटके से कम नहीं होगा.
कहां से बिगड़ने लगी बात?
दरअसल, हाल-फिलहाल में सेबी ने अपने 109- पन्नों के अंतरिम आदेश में आरोप लगाया है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 और 2024-25 के बीच अपने रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर 15.15 लाख करोड़ रुपया दिखाया, जो वास्तव में कंपनी की सहायक इकाइयों के कुल राजस्व का लगभग 99.8% हिस्सा था. सेबी ने कंपनी पर फंड डायवर्जन सहित संबंधित पक्षों के बीच संदिग्ध लेनदेन का आरोप लगाया. इसके बाद सेबी ने कंपनी के प्रोमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता के शेयर बाजार पर ट्रेडिंग करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी और कंपनी के खातों का फॉरेन्सिक ऑडिट कराने का निर्देश दिया.
एलआईसी के कितने करोड़ फंसे?
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की हिस्सेदारी कंपनी के शेयरों में लगातार तीन सालों से कम होती जा रही है, जो मार्च 2023 में 17.6% के मुकाबले मार्च 2026 तक घटकर लगभग 14.26% रह गई है. चूंकि राजेश एक्सपोर्ट का मार्केट कैप 3090 करोड़ रुपये है और कंपनी में एलआईसी की कुल हिस्सेदारी 10.80% है. इस हिसाब से कंपनी में भारतीय जीवन बीमा निगम का 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश फंसा है.
ये भी पढ़ें:
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.